
राहुल के जातिगत जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस में ही फूट! आनंद शर्मा बोले- यह इंदिरा-राजीव की विरासत का अपमान
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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने जातिगत जनगणना के मुद्दे का विरोध करते हुए कहा कि जाति जनगणना मुद्दा इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की विरासत का अपमान है. उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना न तो रामबाण हो सकती है और न ही बेरोजगारी और प्रचलित असमानताएं इससे दूर हो सकती हैं.
एक तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी जाति जनगणना को लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाए हुए हैं और कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर एक खास कैंपेन चल रहा है, 'गिने नहीं जाओगे, तो सुने नहीं जाओगे!' वहीं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC)के सदस्य आनंद शर्मा राहुल गांधी के इस विचार से बिल्कुल सहमत नहीं हैं.
आनंद शर्मा का मानना है कि जातिगत जनगणना न तो रामबाण हो सकती है और न ही बेरोजगारी और प्रचलित असमानताएं इससे दूर हो सकती हैं. आनंद शर्मा ने कहा कि यह महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है जिसके दूरगामी राष्ट्रीय परिणाम है..."
राहुल गांधी की आलोचना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे एक पत्र में आनंद शर्मा ने राहुल गांधी के जाति जनगणना अभियान की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि पार्टी का मौजूदा रुख पिछली कांग्रेस सरकारों पर आरोप के तौर पर सामने आएगा. साथ ही, इससे कांग्रेस के राजनीतिक विरोधियों को उस पर कीचड़ उछालने का मौका भी मिल जाएगा.
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आनंद शर्मा ने जाति आधारित जनगणना पर केंद्रित कांग्रेस के चुनाव अभियान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, ‘.मेरी विनम्र राय में, इसे इंदिरा जी और राजीव जी की विरासत का अनादर करने के रूप में गलत समझा जाएगा.’ 1980 में इंदिरा गांधी ने चुनावी नारा दिया था- न जात पर न पात पर, मुहर लगेगी हाथ पर. साल 1990 में राजीव गांधी ने जातिवाद को चुनावी मुद्दा बनाने का विरोध किया था. ऐतिहासिक रूख से पलटना बहुत सारे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए चिंता करने वाला है इस पर विचार करने की जरूरत है. अगर संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में जातिवाद को मुद्दा बनाया गया तो हमें समस्या होगी. कांग्रेस इस देश को विभाजित होते हुए नहीं देख सकती.'

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