
रायबरेली में बड़ा उलटफेर, सोनिया की जगह स्मृति ईरानी बनीं 'दिशा' की अध्यक्ष
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जानकारी के लिए बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद दिशा समिति का गठन होता है. ये समिति हर तीन माह में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करती है.
कभी गांधी परिवार का गढ़ कहे जाने वाले अमेठी में भाजपा और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपना डंका बजाया है. जिस सीट को कभी कांग्रेस के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता था, उस सीट पर 2019 में स्मृति ईरानी ने कब्जा जमाया और राहुल गांधी को हार का सामना करना पड़ा. अब 2019 के बाद से अमेठी में तो स्मृति की सक्रियता बढ़ी ही है, इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में भी वे एक्टिव दिखाई पड़ी हैं. यही वजह है कि उन्हें रायबरेली में दिशा का अध्यक्ष बना दिया गया है, वहीं सोनिया गांधी को को-चेयरपर्सन की भूमिका दी गई है.
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