
रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट का एक आरोपी गिरफ्तार, धमाका करने वाले आतंकी का नाम भी सामने आया
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आज तक/इंडिया टुडे की खबर पर मोहर लग गई है. रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट को अंजाम देने वाला आतंकी पहले से NIA के केस में वांटेड था. NIA ने मुसाविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मतीन ताहा पर 3-3 लाख का इनाम रखा गया था. वांटेड रहते हुए भी दोनों ने बम धमाके की वारदात को अंजाम दिया था. दोनों शिवमोग्गा के ISIS मॉड्यूल से जुड़े हुए थे.
आज तक/इंडिया टुडे की खबर पर एनआईए की मोहर लग गई है. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में एक मार्च को ब्लास्ट की वारदात को अंजाम देने वाला आतंकी पहले से NIA के केस में वांटेड था. NIA ने मुसाविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मतीन ताहा पर 3-3 लाख रुपये का इनाम रखा गया था. वांटेड रहते हुए भी दोनों ने बम धमाके की वारदात को अंजाम दिया था. दोनों शिवमोगा के ISIS मॉड्यूल से जुड़े हुए थे.
रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है. बुधवार को तीन राज्यों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद एनआईए ने एक प्रमुख साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है. एनआईए की टीमों द्वारा कर्नाटक में 12, तमिलनाडु में 5 और उत्तर प्रदेश में एक जगह सहित कुल 18 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी.
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आतंकियों को मुहैया कराए थे लॉजिस्टिक
इस दौरान सह-साजिशकर्ता मुजम्मिल शरीफ को हिरासत में लिया गया था. एनआईए ने इस केस को 3 मार्च को अपने हाथ में लिया था. पहले मुख्य आरोपी मुसाविर शाजीब हुसैन की पहचान की थी, जिसने विस्फोट को अंजाम दिया था. जांच एजेंसी ने इस मामले में एक अन्य साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की भी पहचान की थी, जो अन्य मामलों में भी एजेंसी द्वारा वांछित है. दोनों व्यक्ति फरार हैं.
एनआईए की जांच से पता चला है कि मुजम्मिल शरीफ ने विस्फोट से जुड़े मामले में अन्य दो पहचाने गए आरोपियों को लॉजिस्टिक मुहैया कराए थे. आज इन तीनों आरोपियों के घरों के साथ-साथ अन्य संदिग्धों के आवासीय परिसरों और दुकानों पर भी छापेमारी की गई. तलाशी के दौरान नकदी के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. फरार आरोपियों को पकड़ने और धमाके के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा करने की कोशिशें जारी हैं.

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