
राज्यसभा चुनाव: यूपी में सहयोगी दलों को सीट देने के मूड में नहीं BJP, केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए 21 नाम
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बीजेपी ने अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा के लिए एक सीट की मांग भी की थी. सूत्रों के मुताबिक, जो 21 नाम भेजे गए हैं, उनमें सहयोगी दलों के किसी नेता का नाम नहीं है.
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों पर 10 जून को चुनाव होना है. बताया जा रहा है कि यूपी बीजेपी ने इन सीटों के लिए 21 नामों को तय किया है. इन्हें केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया गया है. नामों पर आखिरी मुहर केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लगाई जाएगी. बताया जा रहा है कि बीजेपी राज्यसभा की एक भी सीट अपनी सहयोगी पार्टियों को देने के मूड में नहीं है. सभी सीटों पर बीजेपी ने अपने ही नेताओं को भेजने का फैसला किया है.
दरअसल, बीजेपी ने अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा के लिए एक सीट की मांग भी की थी. सूत्रों के मुताबिक, जो 21 नाम भेजे गए हैं, उनमें सहयोगी दलों के किसी नेता का नाम नहीं है. इन नेताओं के भेजे गए नाम
बताया जा रहा है कि यूपी बीजेपी की ओर से जो 21 नाम भेजे गए हैं, उनमें संजय सेठ, जय प्रकाश, जफर इस्लाम, नरेश अग्रवाल, प्रियंका रावत, शिव प्रताप शुक्ला, सुरेंद्र नागर के नाम शामिल हैं. राज्यसभा चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख 31 मई है.
कैसा है यूपी राज्यसभा चुनाव का गणित
यूपी में 11 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इनमें से बीजेपी के 5, सपा के 3, बसपा के 2 और कांग्रेस का 1 सांसद है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने 273 सीटें जीती हैं. जबकि सपा गठबंधन के पास 125 विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पास 2, बसपा के पास एक और राजा भईया के पास दो विधायक हैं.
यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं. ऐसे में एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट जरूरी हैं. बीजेपी का 11 में 7 पर जीतना तय माना जा रहा है. वहीं, सपा गठबंधन भी 3 सीटों पर आसानी से जीत सकती है. पेंच सिर्फ एक सीट पर फंसने के आसार हैं. 11वीं सीट के लिए बीजेपी और सपा के पास 14-14 अतिरिक्त विधायक बचेंगे. ऐसे में क्रॉसवोटिंग, सेंधमारी और निर्दलीय विधायकों के सहारे 11वीं सीट पर जीत हासिल की जाएगी.

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