
राजौरी-पुंछ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन का छठा दिन, डेरा की गली और बफलियाज इलाके में आतंकियों को घेरा
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जम्मू-कश्मीर के राजौरी के घने जंगलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन छठे दिन भी जारी है. 21 दिसंबर को डेरा गली इलाके में घात लगाकर किए गए हमले में 4 जवान शहीद हो गए थे. सेना घने जंगलों के बीच सेना का ऑपरेशन जारी है.
जम्मू कश्मीर के राजौरी-पुंछ सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान छठे दिन भी जारी है. 21 दिसंबर को राजौरी में घात लगाकर किए गए आतंकी हमले में सेना के चार जवान शहीद और 3 घायल हो गए थे. इस हमले के बाद से ही सेना लगातार आतंकियों की तलाश में जुटी है. डेरा की गली और बफलियाज के जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. ग्राउंड ऑपरेशन के साथ-साथ ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से राजौरी और पुंछ के घने जंगलों में आतंकियों की तलाश की जा रही है.
भौगोलिक तौर पर देखा जाए तो इस इलाके में कटीली झाड़ियां और बड़े-बड़े पत्थरों के बोल्डर मिल जाते हैं जो आतंकियों के लिए बड़े ढाल का काम कर रहे हैं. इसके साथ ही इस इलाके में दर्जन भर से अधिक प्राकृतिक गुफाएं भी हैं जिनमें आतंकी बड़ी घटना को अंजाम देकर या फिर घुसपैठ करके छुप जाते हैं जो कि इन दिनों सुरक्षाबलों के लिए एक टेढ़ी खीर बना हुआ है.
सेना प्रमुख आज करेंगे राजौरी-पुंछ का दौरा
वहीं राजौरी और पुंछ जिलों में लगातार तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं. इस बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे आज जम्मू और राजौरी-पुंछ सेक्टर का दौरा करेंगे और उस जगह पर जाएंगे जहां आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहा है.सेना प्रमुख जम्मू के नगरोटा में व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय में सुरक्षा संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे.
21 दिन दिसंबर को हुआ था आतंकी हमला
बता दें कि 21 दिसंबर की शाम करीब पौने 4 बजे राजौरी/पुंछ के सुरनकोट उपखंड में डेरा की गली और बुफलियाज के बीच घने वन क्षेत्रों में दानार सवानिया मोड़ पर आतंकवादियों ने घात लगाकर सेना के दो वाहनों पर हमला कर दिया था, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए और तीन घायल हैं. हमले की चपेट में आए सेना के वाहन एक ऑपरेशन के लिए जा रहे थे, जो इलाके में संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट के बाद गुरुवार सुबह शुरू किया गया था. इलाके की हवाई निगरानी के बीच सेना ने जमीनी तलाशी अभियान तेज कर दिया है.

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