
'राजेश पायलट की खुन्नस बेटे पर निकाल रही कांग्रेस', राजस्थान में PM मोदी ने साधा निशाना
AajTak
चुनाव प्रचार खत्म होने से ठीक एक दिन पहले भीलवाड़ा के जहाजपुर में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कांग्रेस का इतिहास है. अगर कांग्रेस में कोई भी सच बोले और सच बोलने के कारण इस परिवार को थोड़ी सी भी असुविधा हो जाए और थोड़ा भी कुछ चुभ जाए तो मान लेना उसकी राजनीति को गड्ढे में गई.
राजस्थान में 3 दिन बाद मतदान होना है. इससे पहले रैलियों और सभाओं का दौर जारी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कई जगह पर जनसभाओं को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान चुनाव में पायलट परिवार के जरिए है. चुनाव प्रचार खत्म होने से ठीक एक दिन पहले भीलवाड़ा के जहाजपुर में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कांग्रेस का इतिहास है. अगर कांग्रेस में कोई भी सच बोले और सच बोलने के कारण इस परिवार को थोड़ी सी भी असुविधा हो जाए और थोड़ा भी कुछ चुभ जाए तो मान लेना उसकी राजनीति को गड्ढे में गई.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि पूरी कांग्रेस में जिस-जिस ने इस परिवार के सामने कुछ भी कहा, कुछ भी बोला वो मरा समझो. राजेश पायलट जी ने एक बार कांग्रेस के इस परिवार को भलाई के लिए चुनौती दी थी. फिर वो भी चूक गए थे. लेकिन ये परिवार ऐसा है कि राजेश जी को तो सजा दी, उनके बेटे (सचिन पायलट) को भी सजा देने में लगे हैं. राजेश पायलट तो नहीं रहे, लेकिन उनकी खुन्नस बेटे पर भी निकाल रहे हैं.
उधर, कांग्रेस ने पीएम मोदी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठ बोला है. जब राजेश पायलट ने चुनाव लड़ा था तब सोनिया गांधी राजनीति में नहीं थीं और सचिन पायलट को गांधी परिवार ने बहुत सम्मान दिया है.
डूंगरपुर में सीएम गहलोत पर साधा निशाना
प्रधानमंत्रीन नरेंद्र मोदी ने राज्य के डूंगरपुर पहुंचकर भी एक रैली को संबोधित किया. यहां पीएम मीदी ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल मैं जयपुर में रोड शो कर रहा था. वहां पर होर्डिंग्स लगे हुए थे, जिसमें मैंने देखा की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तस्वीर तो लगी हुई थी, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीर कहीं नहीं थी. कई जगह कांग्रेस के एक सांसद की तस्वीर भी लगी हुई थी. लेकिन कांग्रेस के जो सबसे वरिष्ठ नेता है और दलित नेता हैं, उनकी तस्वीर नहीं थी.'
दो दिन पहले हनुमानगढ़ में की थी रैली

बेंगलुरु के देवनहल्ली इलाके में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन कॉलेज छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई. तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर के दूसरे तरफ पहुंच गई और सामने से आ रहे तेज रफ्तार लॉरी ने तीनों को कुचल दिया. पुलिस ने बाइक सवार युवक और लॉरी चालक दोनों को एफआईआर में नामजद किया है. मामले की जांच जारी है.

दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड की पात्रता सीमा बढ़ाकर वार्षिक पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये कर दी है, जिससे लंबे समय से खाद्य सुरक्षा से वंचित गरीब परिवारों को राहत मिलेगी. नए नियमों के तहत आय प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा, सेल्फ वेरिफिकेशन खत्म किया गया है और संपत्ति, आयकर, सरकारी नौकरी, चार पहिया वाहन व अधिक बिजली खपत वालों को योजना से बाहर रखा गया है.

मुंबई बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद सियासी सरगर्मी तेज है. शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड होटल में एकजुट किया है, जिसे मेयर पद की दावेदारी और संभावित हॉर्स ट्रेडिंग रोकने की रणनीति से जोड़ा जा रहा है. हालांकि कॉरपोरेटर अमय घोले का कहना है कि पार्षदों को अगले पांच साल की कार्ययोजना और आगामी जिला परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाया गया है.

शिवसेना के नए चुने गए सभी 29 कॉर्पोरेटर मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में एकत्रित हैं. यहाँ पर शिवसेना ने बीएमसी में ढाई साल मेयर बनाए जाने की मांग उठाई है. पार्टी चाहती है कि बीजेपी और शिवसेना, दोनों के कॉर्पोरेटर मेयर पद पर बारी-बारी से ढाई-ढाई साल तक कार्य करें. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति के मेयर बनने की इच्छा जताई है.

डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में इंडिगो फ्लाइट संकट के लिए एयरलाइन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो पर 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही निर्देशों के पालन और दीर्घकालिक सिस्टम सुधार सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए के पक्ष में 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया गया है.

काशी के मणिकर्णिका घाट में विकास कार्य को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. बुलडोजर से घाट पर एक मणि तोड़े जाने की तस्वीरें वायरल होने के बाद स्थानीय लोग और तीर्थ पुरोहित विरोध कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में विकास कार्यों का निरीक्षण किया और सियासत करने वालों पर पलटवार किया. विपक्ष इसे आस्था से खिलवाड़ बता रहा है जबकि सरकार इसे काशी के इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के लिए जरूरी बता रही हैं.







