
रंजिश, लूटपाट या सियासी साजिश... मुकेश सहनी के पिता की हत्या का क्या मकसद? पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग
AajTak
कातिलों ने जिस बेरहमी से कत्ल की इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, उसे देखकर ऐसा लगता है कि कातिल किसी भी सूरत में जीतन सहनी को जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे. हालांकि अब पुलिस इस मामले का खुलासा जल्द से जल्द करने का दावा कर रही है.
Jitan Sahni Murder Case: बिहार में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के अध्यक्ष मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के बाद लोगों में गुस्सा भी है और सिसायत में गर्मी भी. यह मामला बिहार पुलिस के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है. कातिलों ने जिस बेरहमी से कत्ल की इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, उसे देखकर ऐसा लगता है कि कातिल किसी भी सूरत में जीतन को जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे. हालांकि अब पुलिस इस मामले का खुलासा जल्द से जल्द करने का दावा कर रही है. इस दौरान तीन ऐसे बिंदु हैं, जिन पर पुलिस की जांच केंद्रित है.
तेजधार हथियार से किया गया कत्ल मंगलवार की सुबह बिहार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दरभंगा के विरौल इलाके से विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार के कद्दावर नेता माने जाने वाले मुकेश सहनी के पिता की हत्या की ख़बर आई. जीतन सहनी की हत्या दरभंगा के विरौल में स्थित सुपौल बाज़ार में बने उनके पैतृक घर में की गई. घर के अंदर से मुकेश सहनी के पिता की लाश बरामद की गई जो कि क्षत-विक्षत हाल में थी. जीतन सहनी की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई और उनके शरीर पर एक बाद एक कई वार किए गए थे. उनके शरीर के अंगों को बेरहमी से काटा गया था. उनके कमरे की दीवारों पर खून साफ नजर आ रहा था. मौका-ए-वारदात का मंजर देखकर साफ पता चल रहा था कि कातिल बहुत बेरहम थे.
मौका-ए-वारदात से मिले सबूत उन तीन बिंदुओं या यूं कहें कि तीन एंगल पर बात करने से पहले आपको बता दें कि इस मामले में दरभंगा के डीआईजी बाबू राम ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड को एक से ज्यादा हत्यारों ने अंजाम दिया है. डीआईजी का दावा है कि इस हत्याकांड का खुलासा शाम तक या अगले 24 घंटे में हो जाएगा. उनका कहना है कि पुलिस को इस हत्याकांड के बाद मौका-ए-वारदात से कई अहम सबूत और सुराग मिले हैं. जिनमें कमरे की मेज पर 3 रखे गिलास और कुछ कागज शामिल हैं.
दो संदिग्धों से पूछताछ पुलिस को मौके से मिले सबूतों से पता चला है कि इस वारदात को अंजाम देने में एक से ज्यादा कातिल शामिल हैं. यह कत्ल किसी एक कातिल का काम नहीं है. अब जाकर पुलिस ने जीतन सहनी की हत्या के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है. उनसे कड़ी पूछताछ चल रही है. सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दोनों संदिग्धों को पुलिस ने उठाया है.
दरभंगा पहुंची STF की टीम वहीं, इस मामले में पटना से भी एक एसटीएफ की टीम दरभंगा पहुंच रही है. डीआईजी ने दावा किया है कि 8 घंटे के अंदर इस हत्या को अंजाम देने वाले पकड़े जाएंगे. दरभंगा के डीआईजी बाबू राम ने पहले ही जीतन सहनी की हत्या को लेकर बताया था कि वारदात को एक से ज्यादा कातिलों ने अंजाम दिया है. मौके पर रखी एक मेज पर 3 गिलास और कुछ कागज भी मिले थे.
एक गिलास में था ड्रिंक, जांच के लिए भेजा इस वारदात के बारे में जानकारी देते हुए बिहार पुलिस के प्रवक्ता और एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि मामले की तफ्तीश आगे बढ़ रही है. इसी दौरान वीआईपी नेता के घर में दो मोटरसाइकिल भी मिली हैं. जिन तीन गिलास को लेकर डीआईजी ने बयान दिया था, उसमें एक में पेय पदार्थ भी मिला है, जिसकी जांच चल रही है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








