
ये अधिकार आपको संसद के बाहर... लोकसभा में सांसदों से क्यों बोले स्पीकर ओम बिरला
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राहुल गांधी के लंदन वाले बयान पर मचे घमासान, पक्ष-विपक्ष में नारेबाजी, हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी. इससे पहले लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने हंगामा कर रहे सांसदों को चेतावनी भी दी और सदन को लेकर कुछ भी नहीं बोलने की नसीहत भी.
संसद में राहुल गांधी के लंदन वाले बयान पर सियासी घमासान जारी है. संसद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राहुल गांधी के माफी मांगने की मांग पर अड़ी है तो वहीं कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि राहुल माफी नहीं मांगेंगे. संसद के चालू बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन भी दोनों सदनों में कार्यवाही की हंगामेदार शुरुआत हुई.
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी माफी मांगो के नारे लगाने शुरू कर दिए. राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी पर विपक्षी सांसद भी तख्तियां लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे. विपक्षी सांसद अडानी मुद्दे की जेपीसी जांच की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे. पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार नारेबाजी के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सभी सांसदों से अपनी सीट पर जाने की अपील भी की.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में हंगामे पर कहा कि ये सदन चर्चा और संवाद के लिए है. इसलिए सदन को चलने दें. अगर आप जनता का कल्याण करना चाहते हैं. उन्होंने तख्तियां लेकर वेल में आए संसदों को सदन की गरिमा बनाए रखने की नसीहत भी दी और कहा कि ये सदन तख्तियां लेकर आने के लिए नहीं है.
ओम बिरला ने तख्तियां लहराए जाने और नारेबाजी को लेकर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि लोकतंत्र में ये तख्तियां लहराने और नारेबाजी का अधिकार आपको संसद के बाहर है, संसद में नहीं. उन्होंने सांसदों को अपनी सीट पर वापस लौट जाने की चेतावनी भी दी. लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी के बयान को लेकर बगैर नाम लिए कहा कि ये आस्था का मंदिर है.
उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र का मंदिर है. लोकसभा स्पीकर ने कहा कि इसे लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है. इससे पहले राज्यसभा में सदन के नेता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में राहुल गांधी के लंदन वाले बयान का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि विदेश में जाकर संसद को लेकर इस तरह की बयानबाजी करने के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
5 मिनट भी नहीं चल सकी लोकसभा

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