
यूरोप के सबसे शांत देश क्रोएशिया में गोलीबारी, हमलावर की मां सहित 6 लोगों की मौत
AajTak
यूरोप के क्रोएशिया के एक नर्सिंग होम में हुई गोलीबारी में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग घायल हो गए. घायलों में से चार की हालात गंभीर बताई जा रही है. इस वारदात को अंजाम देने वाली बंधूकधारी की मां की भी मौत हो गई है.
यूरोप के क्रोएशिया के एक नर्सिंग होम में हुई गोलीबारी में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग घायल हो गए. घायलों में से चार की हालात गंभीर बताई जा रही है. इस वारदात को अंजाम देने वाली बंधूकधारी की मां की भी मौत हो गई है.
यूरोप के सबसे शांत माने जाने वाले देशों में शामिल क्रोएशिया में हुई गोलीबारी से लोग बुरी तरह हिल गए हैं. पूर्वी शहर दारुवर के एक नर्सिंग होम में हुई फायरिंग में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. चार घायलों की हालत गंभीर है.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक बंदूधकारी नर्सिंग होम में घुस आया और अंधाधुंध फायरिंग करने लगा. इसके बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई. इस फायरिंग में बंधूकधारी की मां की भी जान चली गई. मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग लोग शामिल हैं.
बंदूकधारी ने फायरिंग क्यों की अभी तक पता नहीं चल पाया है. क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक ने इसे भयावह हमला बताया है और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा, ''हम इस घटना से स्तब्ध हैं. यह एक जघन्य कृत्य है.''
क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविक ने कहा कि वो इस गोलीबारी से हैरान हैं. उन्होंने देश में बंदूक के नियमों को और भी अधिक कड़े बनाने की भी बात कही है. इस हमले के बाद देश में बंदूक नियंत्रण को सख़्त करने की मांग उठने लगी है.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर एक पूर्व एक सैनिक है. हमले के बाद वो मौके से भाग गया. उसे बाद में एक कैफ़े से उसे गिरफ़्तार किया गया. हमलावर के पास से हथियार भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.






