
यूपी: मरीज कोविड अस्पताल के भीतर, बाहर परिजन परेशान
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कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों की जानकारी पाने के लिए परिजन हो रहे परेशान. समय-समय पर परिजनों को मरीज के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने के लिए अस्पताल की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं. तीमारदारों में आक्रोश.
लखनऊ के इंदिरा नगर के रहने वाले विशाल प्रजापति के पिता रामाश्रय प्रजापति का इलाज लखनऊ के बड़े सरकारी कोविड अस्पताल में चल रहा है. रामाश्रय प्रजापति 22 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए थे. इसके बाद इन्हें गोमतीनगर में एक सरकारी कोविड अस्पताल में बड़ी मुश्किल के बाद भर्ती कराया गया था. कोविड अस्पताल में भर्ती होने के बाद परिजनों की समस्याएं खत्म नहीं हुईं. विशाल बताते हैं, “पिता जी के भर्ती करने के बाद अस्पताल से एक मोबाइल नंबर दिया गया जिस पर फोन करके मरीज के सेहत के बारे में जानकारी ली जा सकती थी. मैंने अगले दिन जब उस नंबर पर फोन किया तो बात करने वाले ने बताया कि रामाश्रय प्रजापति नाम का कोई भी मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है.” इसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया. अपने परिचित के जरिए विशाल कोविड अस्पताल के इंचार्ज से संपर्क किया तो पता चला कि उनका मरीज कोविड अस्पताल के तीसरे फ्लोर के एचडीयू में भर्ती है. विशाल बताते हैं, “पूरा दिन प्रयास करने के बाद देर शाम को पिता जी के स्वास्थ्य की जानकारी मिल पायी.” अगले दिन फिर वही कहानी दोहराई गई. विशाल ने जब उस नंबर पर फोन करके पिता का हालचाल जानना चाहा तो काल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने शाम को चार से सात के बीच ही मरीज के बारे में जानकारी देने की बात कही. जब शाम को साढ़े चार बजे विशाल ने फोन किया तो वह बंद मिला. विशाल बताते हैं पिछले दस दिनों से कभी भी नियमित पिताजी के स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पा रही है. इससे पूरा परिवार एक मानसिक वेदना से गुजर रहा है. कोविड काल में आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था करने वाले जगत वाजपेयी बताते हैं, “सरकार ने कोविड अस्पताल में भर्ती के लिए तो नोडल अफसर तैनात किए हैं. कंट्रोल रूम बनाया है लेकिन जो मरीज भर्ती है उनके स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी समय समय पर परिजनों को मुहैया कराने की कोई व्यवस्था नहीं है. इससे न परिजनों को मानसिक कष्ट से गुजरना पड़ रहा है.” ऐसी ही परिस्थितियों से गुजरते हुए प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, मेरठ जैसे कई जिलों में परिजनों की और अस्पताल प्रशासन के बीच मारपीट की नौबत तक आ चुकी है. परिजनों को होने वाली दिक्क्तों के समाधान के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक गाइडलाइन जारी की है. विभाग के सचिव सौरव बाबू ने गाइडलाइन को केजीएमयू कुलसचिव, पीजीआई, लोहिया संस्थान, कैंसर संस्थान सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों के निदेशकों, सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य और निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य को निर्देश भेज दिया है. इसके तहत अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों कि परिजनों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया गया है्. इसी तरह बीमार मरीजों के तीमारदारों को भर्ती के समय ही मरीज की स्थिति से भी अवगत कराना होगा. मरीज के परिजनों को शाम तीन से पांच बजे के बीच उनकी स्थिति के बारे में भी जानकारी देनी होगी. जिन मरीजों के परिजन उपलब्ध नहीं हैं उनको फोन के जरिए जानकारी देनी होगी.
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