
यमन: बिना हिजाब फोटो पोस्ट की तो आतंकियों ने किया किडनैप, वर्जिनिटी टेस्ट का खतरा
AajTak
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि हिजाब के बिना तस्वीरें खिंचवाने को लेकर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा अगवा की गई 20-वर्षीय मॉडल का जबरन वर्जिनिटी टेस्ट कराया जा सकता है.
यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा अगवा की गई बीस वर्षीय मॉडल यमनी इंतिसार अल-हम्मादी का वर्जिनिटी टेस्ट कराया जा सकता है. यह आशंका एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई है. यमनी इंतिसार अल-हम्मादी को हूती विद्रोहियों के एक समूह ने अगवा कर लिया था. Photo: Intisar al-Hammadi रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल के हवाले से इसके बारे में जानकारी दी है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि हिजाब के बिना तस्वीरें खिंचवाने को लेकर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा अगवा की गई 20-वर्षीय मॉडल का जबरन वर्जिनिटी टेस्ट कराया जा सकता है. Photo: Intisar al-Hammadi
डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.

इस चुनाव में तकाईची अपनी कैबिनेट की मजबूत लोकप्रियता के सहारे चुनाव में उतर रही हैं. उनका कहना है कि वो ‘जिम्मेदार लेकिन आक्रामक’ आर्थिक नीतियों के लिए जनता का समर्थन चाहती हैं, साथ ही नए गठबंधन को भी स्थिर जनादेश दिलाना चाहती हैं. गौरतलब है कि ये चुनाव पिछले निचले सदन चुनाव के महज 18 महीने के भीतर हो रहा है. पिछला आम चुनाव अक्टूबर 2024 में हुआ था.








