
मोदी-जिनपिंग-पुतिन की दोस्ती, हाथों में हाथ और गहराई भरी बात... ट्रंप का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं ये तस्वीरें!
AajTak
SCO शिखर सम्मेलन में चीन के तियानजिन में महाशक्तियों का महामिलन देखने को मिला. भारत,चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्ष पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जिनपिंग ने अमेरिकी दादागीरी के सामने दृढ़ होकर खड़े होने का मैसेज दुनिया को दिया. इन तीन नेताओं की मुलाकात के दौरान इनके बॉडी लैंग्वेज से ये संदेश स्पष्ट देखने को मिला.
चीन के तियानजिन में सोमवार सुबह नए वर्ल्ड ऑर्डर के तीन दिग्गजों की मुलाकात हुई. SCO मीटिंग के दौरान आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मेजबान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन मिले. तीन नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकात की ये तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है.
तियानजिन में सोमवार सुबह 11 बजे महाशक्तियों का महामिलन देखने को मिला. इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. इस वीडियो में राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और राष्ट्रपति पुतिन पीएम मोदी के आस-पास खड़े हैं. इस दौरान पीएम मोदी सेंटर में घिर रहे हैं. तीनों राष्ट्राध्यक्ष अपने ट्रांसलेटर के साथ हल्के-फुल्के माहौल में बात कर रहे हैं.
इस दौरान इन तीनों नेताओं की भाव-भंगिमा काफी पॉजिटिव दिख रही है.
मुलाकात की इन तस्वीरों को जारी करते हुए पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने लिखा, "तियानजिन में बातचीत जारी! एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान."
एक दूसरे पोस्ट में पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की तस्वीरें जारी की है और कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा आनंददायक होता है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 20 से अधिक विश्व नेताओं की उपस्थिति में वर्ल्ड ऑर्डर में 'धमकाने' वाले व्यवहार की कड़ी आलोचना की.

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










