
'मैं एड हॉक कमेटी को नहीं मानता, सरकार से करूंगा बात...', IOA के फैसले पर बोले संजय सिंह
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एड हॉक कमेटी के बनाए जाने पर निलंबित अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा 'मैं इस एड हॉक कमेटी को स्वीकार नहीं करता क्योंकि WFI एक स्वायत्त संस्था है. वे मेरी अनुमति के बिना ऐसा कोई निर्णय नहीं ले सकते.
भारतीय कुश्ती संघ में जारी विवाद का सिलसिला अभी थमा नहीं है. WFI में पूर्व चीफ बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के बाद से शुरू हुए विवाद की कड़ी फेडरेशन के चुनाव तक पहुंची थी, लेकिन खेल मंत्रालय ने रविवार को नवनिर्वाचित कुश्ती संघ को सस्पेंड कर दिया. इसके साथ ही IOA ने भारतीय कुश्ती संघ को लेकर एक नई एड हॉक कमेटी बना दी है. अब इस एड हॉक कमेटी के बनाए जाने को लेकर सस्पेंड हुए नवनिर्वाचित WFI के अध्यक्ष संजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि, वह एड हॉक कमेटी को स्वीकार नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि, इस मामले में वह कानूनी राय लेंगे.'
कानूनी राय लेंगे संजय सिंह WFI के चुनाव परिणाम आने के बाद पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया था. इसके बाद मामले में नया मोड़ तब आया जब खेल मंत्रालय ने नए चुने गए कु्श्ती संघ को सस्पेंड कर दिया, इसके बाद IOA ने एक एड हॉक कमेटी बनाने का ऐलान किया. एड हॉक कमेटी के बनाए जाने पर निलंबित अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा 'मैं इस एड हॉक कमेटी को स्वीकार नहीं करता क्योंकि WFI एक स्वायत्त संस्था है. वे मेरी अनुमति के बिना ऐसा कोई निर्णय नहीं ले सकते. मैं इसके खिलाफ सरकार से बात करूंगा और अगर फिर भी समस्या नहीं सुलझी तो कानूनी राय लूंगा और कोर्ट जाऊंगा. मैंने लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीता, मुझे नामांकित नहीं किया गया था.'
नव निर्वाचित कुश्ती संघ हुआ था सस्पेंड बता दें कि, रविवार (24 दिसंबर) के दिन सुबह से ही भारतीय कुश्ती संघ (WFI) काफी चर्चाओं में है. इस मामले में सबसे बड़ा बयान खेल मंत्रालय की ओर से आया था. उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए नव निर्वाचित कुश्ती संघ को सस्पेंड कर दिया था. इसका मतलब है कि हाल ही में चुनाव जीतकर अध्यक्ष बनने वाले संजय सिंह निलंबित हो गए थे. इसी बीच इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने भी एक बड़ा फैसला करते हुए इस पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है.
IOA ने किया ये ऐलान IOA ने भारतीय कुश्ती संघ को लेकर एक नई एड हॉक कमेटी बनाने का ऐलान किया था, साथ इसके 48 घंटे में बन जाने की बात कही थी. इस कमेटी का काम WFI की हर दिन की गतिविधियों पर ध्यान रखना रहेगा. इसके बाद वो अपनी रिपोर्ट तैयार कर IOA को सौंपेगी. खेल में पारदर्शिता लाने के लिए इस कमेटी का गठन किया गया है. इसके लिए खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खुल पत्र लिखा था.
क्या होती है एडहॉक कमेटी? एडहॉक कमेटी का मतलब है किसी खास मुद्दे को सुलझाने के लिए बनाई गई अस्थायी कमेटी. आम तौर पर कार्यकारी नेतृत्व ही एडहॉक कमेटी बनाता है. लैटिन भाषा में, एडहॉक का मतलब होता है, 'इसके लिए'. जबकि इंग्लिश में इसका मतलब 'केवल इस मकसद के लिए' होता है. एडहॉक कमेटी का मुख्य काम होता है, खास सलाह और सुझाव देना. सलाह और सुझाव, कमेटी की स्थापना के मकसद और कर्तव्यों पर केंद्रित होने चाहिए. एडहॉक कमेटी में अलग-अलग पृष्ठभूमि और विषयों के लोग शामिल हो सकते हैं. जैसे- वकीलों, अकाउंटेंट और व्यावसायिक सलाहकारों की टीम. या फिर डॉक्टरों, नर्सों और चिकित्सा शोधकर्ताओं का ग्रुप. एडहॉक कमेटी सीमित समय के लिए और किसी खास मुद्दे को सुलझाने के लिए बनाई जाती है.

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