
'मेरी भी गलतफहमी दूर हो गई...', हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट ने क्यों कही ये बात?
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विनेश फोगाट कांग्रेस के टिकट पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में जींद जिले की जुलाना सीट से चुनाव लड़ रही हैं. बुधवार को उनके पक्ष में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंची थीं. इसके बाद आजतक से खास बातचीत में विनेश ने कहा कि प्रियंका गांधी से जब से वे मिली हैं, उन्हें परिवार से ज्यादा प्यार दिया जाता है.
कुश्ती चैंपियन विनेश फोगाट ने पहली बार राजनीति के अखाड़े में किस्मत आजमाने जा रही हैं. वे कांग्रेस के टिकट पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में जींद जिले की जुलाना सीट से चुनाव लड़ रही हैं. आज बुधवार को उनके पक्ष में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंची थीं. इसके बाद आजतक से खास बातचीत में विनेश ने कहा कि प्रियंका गांधी से जब से वे मिली हैं, उन्हें परिवार से ज्यादा प्यार दिया जाता है.
विनेश फोगाट ने कहा, "मैं राजनीति में नई हूं, लेकिन जब से प्रियंका दीदी से मिली हूं, वो परिवार से भी ज्यादा मुझे प्यार दे रहे हैं. छोटी बहन की तरह मानती हैं और कोई नेता इतनी बात नहीं करता होगा, जितनी हम दोनों ने की हैं. जुलाना के लिए ये ऐतिहासिक दिन रहा कि प्रियंका गांधी यहां आईं. इससे पहले कभी इस क्षेत्र के लोगों ने इंदिरा गांधी जी को ही देखा होगा. उम्मीद है कि जितने लोग मुझसे अपेक्षा कर रहे हैं, उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें."
'लोग सोच से भी ज्यादा प्यार दे रहे'
अपने चुनाव प्रचार के अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ी होने के नाते तो हमें प्यार मिलता ही था लेकिन अब राजनीति में आने के बाद पता चल रहा है कि हमने क्या कमाया है. कोई भी खिलाड़ी अगर यह सोचता है कि मेडल जीतने के बाद लोग भूल जाते हैं तो ये गलतफहमी दूर हो गई है. मेरी भी गलतफहमी दूर हो गई है. लोग सोच से भी ज्यादा प्यार दे रहे हैं.
अपने प्रतिद्वंदी उम्मीदवारों पर विनेश ने कहा कि मेरे लिए कोई मुश्किल नहीं है. मुश्किल तब होती है जब आपका परिवार साथ नहीं होता. आज जुलाना का हर एक इंसान मेरे लिए लड़ाई लड़ रहा है. टिकट भले ही मेरे नाम पर आई है, लेकिन चुनाव एक शख्स जुलाना का लड़ रहा है. इन लोगों का प्यार और विश्वास ही मैं कायम रखना चाहती हूं. हाथ इनका मेरे सिर पर होना चाहिए और अगले पांच साल बाद मैं हर घर जाकर बैठूं तो इनका हाथ फिर मेरे सिर पर होना चाहिए.
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