
मुनीर को 'फेवरिट जनरल' बताने वाले ट्रंप ने क्यों रोका पाकिस्तानियों का वीजा? US में बसने पर परमानेंट रोक!
AajTak
पाकिस्तानी ट्रंप की शाबाशियां पाकर बहुत खुश थे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को लगा कि ट्रंप उसकी सारी समस्याओं का समाधान है. लेकिन 14 जनवरी 2026 को ट्रंप प्रशासन के एक्शन से पाकिस्तानी सदमे में है. ट्रंप ने पाकिस्तानियों के यूएस ड्रीम को लगभग कुचल सा दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को न जाने किन किन विशेषणों से नवाजा. ट्रंप ने मुनीर को कभी 'माई फेवरिट जनरल' कहा तो कभी 'हाइली रिस्पेक्टेड जनरल' बताया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को 'ग्रेट पीपुल' कहा. अमेरिकी राष्ट्रपति से तारीफें सुन सुनकर पाकिस्तानी फूलते रहे. उन्हें लगा कि ट्रंप के रूप में उन्हें एक शक्तिशाली 'डैडी' मिल गया है.
लेकिन 14 जनवरी की रात को अमेरिका ने जो आदेश जारी किया उससे हवा में उड़ रहे पाकिस्तानी जमीन पर आकर गिरे. अमेरिका ने पाकिस्तानियों के अमेरिका एंट्री पर अनिश्चित काल के लिए 'नो एंट्री' का बोर्ड लगा दिया है. इस लिस्ट में 74 और देशों के नागरिक भी शामिल हैं. लेकिन इस लिस्ट में पाकिस्तान का होना पाकिस्तानी सत्ता को चौंका गया है.
पहली नजर में तो ट्रंप की बेरहम दिली उन्हें हजम ही नहीं हो रही है.
अमेरिका ने पाकिस्तान और ईरान समेत 75 देशों के नागरिकों के लिए आप्रवासी वीजा प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। ट्रंप प्रशासन का यह आदेश 21 जनवरी, 2026 से प्रभावी हो जाएगा. यह डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी टर्म में इमिग्रेशन पॉलिसी का एक बड़ा हिस्सा है, जो अमेरिका में लीगल इमिग्रेशन को सख्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है.
अमेरिका में बसने की सोच रहे पाकिस्तानों के मंसूबों पर ये कुठाराघात जैसा है.
अब अमेरिका में नहीं बस पाएंगे पाकिस्तानी

संविधान सदन में राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय सम्मेलन CSPOC के 28वें संस्करण का भव्य उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. प्रधानमंत्री मोदी ने संसदीय संस्कृति में सुनने और धैर्य की महत्ता बताई और भारत के 75 सालों के लोकतांत्रिक सफर, डिजिटल विकास, वैक्सीन उत्पादन, और गरीबी उन्मूलन को रेखांकित किया.

पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की टीम के साथ हुई घटनाओं के बाद अब झारखंड की राजधानी रांची में भी ऐसी ही परिस्थितियां बनती दिख रही हैं. रांची पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में छापेमारी की है. इसकी वजह ईडी अधिकारियों पर पेयजल विभाग के अनुबंधित कर्मचारी संतोष से पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप है. इस आरोप के चलते दर्ज एफआईआर की जांच में पुलिस की टीम ने ईडी दफ्तर का दौरा किया है. घटनास्थल पर गहमागहमी बढ़ने पर अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं.

मुख्यमंत्री रहते ममता बनर्जी अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सड़क पर उतर जाती हैं. मामला बिगड़ता है तो अदालत में भी उनकी टीम समय रहते पहुंच जाती है. लेकिन, I-PAC छापेमारी केस में हाई कोर्ट से याचिका खारिज हो जाने के बाद ममता बनर्जी की स्थिति उतनी मजबूत नहीं लग रही है. सुप्रीम कोर्ट का आने वाला फैसला अप्रैल में होने वाले बंगाल चुनाव तक असर डालेगा.

यूपी के बाराबंकी में एक गंभीर घटना सामने आई जहां टोल प्लाजा कर्मियों ने एक अधिवक्ता को कार के फास्टैग बैलेंस खत्म होने पर पीटा. टोल प्लाजा पर फास्टैग बैलेंस खत्म होने की बात को लेकर विवाद हुआ जिससे कहासुनी और फिर मारपीट तक मामला पहुंच गया. वीडियो वायरल होने पर वकीलों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने प्रदर्शन किया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन टोल कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है.

BMC चुनाव मतदान के दिन नवी मुंबई के खारघर सेक्टर 20 में पैसों से भरे बैग मिलने की खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. इस घटना के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह आशंका जताई जा रही है कि ये कुल लिफाफे चुनाव से पहले मतदाताओं को लुभाने के उद्देश्य से बांटे जाने वाले थे. फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह पैसा किस पार्टी का था या किस उद्देश्य से रखा गया था. पूरे मामले की जांच जारी है.

Magh Bihu 2026 Wishes in Hindi: माघ बिहू असम के प्रमुख त्योहारों में से एक है. नई फसल की बुवाई और कटाई के चक्र का जश्न माघ बिहू के रूप में मनाया जाता है. इस दिन अग्नि देव की पूजा का विधान है. माघ बिहू के इस शुभ अवसर को खास बनाने के लिए आप अपने प्रियजनों को सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना से भरपूर मैसेज भेजकर माघ बिहू की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है. इसमें एक सुपरकैरियर, 3-6 डिस्ट्रॉयर्स/क्रूजर, 1-2 पनडुब्बियां, 7000-8000 सैनिक और 65-70 विमान (F-35, F/A-18 आदि) शामिल हैं. सैकड़ों टोमाहॉक मिसाइलों से ईरान के एयरबेस, नेवी, ऑयल फैसिलिटी और न्यूक्लियर साइट्स पर भारी हमला कर सकता है.






