
मुंबई: सहकर्मी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए श्मशान घाट पहुंचे कई रेलवे कर्मचारी, रद्द करनी पड़ी 147 ट्रेनें
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मुंबई में शनिवार को भायखला और सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन के बीच सेंट्रल और हार्बर लाइन पर उपनगरीय ट्रेन सेवाओं में देरी होने की वजह से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. सेवाएं इसलिए प्रभावित हुई क्योंकि कई रेलवे कर्मचारी (मोटरमैन) अपने सहकर्मी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे.
आपने अक्सर सुना या देखा होगा कि खराब मौसम या विरोध प्रदर्शनों की वजह से रेल सेवाएं कई बार प्रभावित होती है, जो बेहद सामान्य बात है. लेकिन मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां लोकल की 88 ट्रेनों समेत कुल 147 ट्रेनों की सेवाओं को रद्द करना पड़ा और उसके पीछे की वजह कोई मौसम या विरोध प्रदर्शन नहीं थे.
दरअसल शनिवार शाम को मुंबई की भायखला और सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन के बीच सेंट्रल और हार्बर लाइन पर उपनगरीय ट्रेन सेवाओं में देरी होने लगी, जिससे यात्री परेशान हो गए. इसके बाद जब लोगों ने रेलवे की सर्विस प्रभावित होने की वजह जानने की कोशिश की और जो कारण सामने निकलकर आया वो हैरान करने वाला था. पता चला कि कई कर्मचारी (मोटरमैन) अपने सहकर्मी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए श्मशान घाट गए हुए हैं जिसकी वजह से सेवाएं प्रभावित हुई हैं.
सहकर्मी के निधन पर श्मशान घाट पहुंचे कर्मचारी
घटना से ये सवाल उठ रहे हैं कि कहीं यह सुनियोजित विरोध प्रदर्शन तो नहीं था? क्योंकि अतीत में मोटरमैन काम के अत्यधिक दबाव का मुद्दा उठा चुके हैं. शाम के व्यस्त समय में सेवाओं में देरी के कारण बड़ी संख्या में यात्री सीएसएमटी और अन्य स्टेशनों पर फंसे रहे और उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
एक अधिकारी ने बताया, 'सेवाओं में देरी हुई क्योंकि कई मोटरमैन कल्याण में अपने सहयोगी मुरलीधर शर्मा के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे, जिनकी शुक्रवार को पटरी पार करते समय बायकुला और सैंडहर्स्ट रोड स्टेशनों के बीच मौत हो गई थी.' उन्होंने बताया कि शर्मा का अंतिम संस्कार दोपहर को होना था लेकिन इसमें शाम पांच बजे तक की देरी हो गई.
147 ट्रेनें हुई रद्द

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