
मां बनने में बहन को हो रही थी प्रॉब्लम, फिर ट्रांसजेंडर भाई ने ऐसे की मदद
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एक शख्स ने अपनी ही बहन को गर्भवती करने में मदद की. यह सुनकर काफी अजीब लग सकता है, लेकिन यही सच है. वह शख्स पहले खुद एक लड़की था. जटिल हार्मोन थैरेपी के बाद वह अब लड़का बन पाया है, लेकिन इन सबके बीच उसने अपनी बहन की मां बनने में मदद की. जानते हैं क्या है ये पूरी कहानी.
एक ट्रांसजेंडर इन्फ्लुएंसर ने स्वीकार किया कि उसने अपनी बहन को मां बनने में मदद की. उसकी बहन कभी प्रेग्नेंट नहीं हो सकती थी. फिर ट्रांसजेंडर भाई ने कुछ ऐसा किया कि बहन बन सकी. हालांकि, पूरी प्रक्रिया काफी जटिल और असुविधाजनक थी.
ट्रांसजेंडर इन्फ्लुएंसर केनी एथन जोन्स ने डेली स्टार को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अपनी आपबीती साझा की. उन्होंने तब अपनी बहन की मदद की, जब वह ऐसी समस्या से जूझ रही थी, जिसमें वो मां नहीं बन सकती थी. उन्होंने अपनी बहन को गर्भधारण करने में मदद करने के लिए अपने एग्स दान करने की पेशकश की.
जन्म के वक्त लड़की था भाई केनी का जन्म एक लड़की के रूप में हुआ था. शारीरिक तौर पर कई परेशानियां होने और भावनात्म रूप से खुद को पुरुष मानने वाले केनी ने एक पुरुष बनने की चाहत पाल रखी थी. इसके लिए उसने काफी सालों से हार्मोन थेरेपी शुरू कर दी थी, लेकिन बहन की मदद के लिए उसे ये सब रोकना पड़ा. उसके पुरुष बनने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित हो गई. क्योंकि उसे अपनी बहन को अपने एग्स दान करने थे.
प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याओं का सामना करने वाले और ट्रांसजेंडर लोगों को लगता है कि उनका शरीर उनकी उम्मीदों और उनकी आईडेंटिटी से मेल नहीं आखाता है. ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए यह जेंडर डिस्फोरिया के रूप में सामने आ सकता है. जब जन्म के समय निर्धारित जेंडर उनकी लैंगिक पहचान से मेल नहीं खाता.
वहीं जिन लोगों को प्रजनन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए यह निराशा या यहां तक कि अपराधबोध की भावनाओं को जन्म दे सकता है. ऐसे में एक ट्रांसजेंडर पुरुष होने के नाते, केनी ने अपनी बहन को प्रेग्नेंट होने में मदद करने का मतलब था केनी को अपनी हार्मोन थेरेपी रोकनी पड़ी.
किसी भी ट्रांसजेंडर के लिए हार्मोन थेरेपी एक लंबी और जटिल चिकित्सा प्रक्रिया होती है. इसे रोकना यानी फिर से जेंडर डिस्फोरिया के संभावित कारणों का सामना करना. केनी ने बताया कि एस्ट्रोजन मेरा मुख्य हार्मोन था, जबकि मैं उस समय 10-11 साल से टेस्टोस्टेरोन ले रहा था. ऐसे में फिर से पहले वाली स्थिति में वापस जाना मेरे लिए सहज नहीं था.

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