
महाराष्ट्र: NCC कैडेट्स को ट्रेनिंग के नाम पर बेरहमी से पीटा, विधानसभा स्पीकर ने दिए जांच के आदेश, VIDEO
AajTak
ठाणे के एक कॉलेज में एनसीसी छात्रों को बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि शिक्षक के न होने पर एक सीनियर कैडेट इन छात्रों को ट्रेनिंग दे रहा था. इस दौरान गलती करने पर वह उन्हें डंडों से बेरहमी से पीट रहा था. वहीं कॉलेज की प्रिंसिपल ने दोषी छात्र पर कार्रवाई करने की बात कही है.
महाराष्ट्र के ठाणे में बांदोड़कर और जोशी बेडेकर कॉलेज में प्रशिक्षण सत्र के दौरान एनसीसी कैडेटों को बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आते ही सनसनी फैल गई है. वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि ट्रेनिंग के दौरान 10 छात्रों को पानी और कीचड़ से भरी जमीन पर सिर के बल रखा गया है. इस दौरान जरा सी गलती करने पर छात्रों को डंडे से बेहरमी से एक शख्स पीट रहा है.
वहीं महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र में भी यह मुद्दा गूंजा. एलओपी विजय वडेट्टीवार ने एनसीसी कैडेट का मुद्दा उठाया. इस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सरकार को जांच कराने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
इस मामले पर डिप्टी सीएम अजित पवार ने जवाब दिया कि राज्य सरकार इस मामले की विस्तृत जांच करेगी क्योंकि वीडियो में दिखाया गया है कि कैडेटों को अमानवीय तरीके से पीटा जा रहा है और प्रशिक्षण के इस तरीके को कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
इस मामले में जोशी बेडेकर कॉलेज की प्रिंसिपल सुचित्रा नाइक का कहना है कि वीडियो में छात्रों को पीटते दिखाई दे रहा शख्स शिक्षक नहीं है. एनसीसी के जो भी हेड होते हैं, वो एनसीसी के ही सीनियर छात्र होते हैं. इस तरह की घटना बहुत की शर्मनाक है. इस घटना से एनसीसी के किए अच्छे काम पर भी पर्दा पड़ जाता है. प्रिंसिल ने कहा- हम इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जिन छात्रों को इसका सामना करना पड़ा है, उन्हें डरना नहीं चाहिए. सभी छात्रों को हमसे आकर मिलना चाहिए और एनसीसी छोड़ने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए. प्रिंसिपल ने कहा कि टीचर के न रहने पर जिस छात्र ने इस घटना को अंजाम दिया है, उस पर कार्रवाई की जाएगी.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












