
महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा दिशा सालियान मौत का मामला, नितेश राणे ने की आदित्य ठाकरे के नार्को टेस्ट की मांग
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एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर से गरमा गया है. विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय मंत्री नरायण राणे के बेटे और बीजेपी विधायक नितेश राणे ने जांच की मांग की है. आज इस मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा हुआ.
एक्टर सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला आज महाराष्ट्र विधानसभा में उठा. भाजपा विधायक नितेश राणे और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विधायक भरत गोगावले ने महाराष्ट्र विधानसभा में सुशांत राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मुद्दा उठाया और जांच की मांग की. इसके बाद सदन में खूब हंगामा हुआ. नितेश राणे ने आदित्य ठाकरे की नार्को टेस्ट की मांग कर डाली.
नितेश राणे ने कहा है कि सांसद राहुल शेवाले ने लोकसभा में मांग की है कि जो A.U नाम का व्यक्ति है वह आदित्य ठाकरे हैं. उसने रिया चक्रवर्ती को 45 कॉल किए, हम पहले दिन से कह रहे हैं कि सुशांत सिंह और दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे का नाम है. बिहार पुलिस ने भी अपने जांच में आदित्य ठाकरे का नाम लिया है, कोर्ट में भी इस बारे में मेंशन हुआ था कि मुख्यमंत्री का बेटा इस मामले में इंवॉल्व था. इतना सब होने के बाद भी सच बाहर आना होगा. जैसे श्रद्धा वॉलकर मर्डर के बाद आफताब का नार्को करने के बाद सच्चाई बाहर आई, वैसे ही दिशा सालयान और सुशांत मौत के बाद आदित्य की भी नार्को होना चाहिए. A फॉर आफताब, A फॉर आदित्य ठाकरे की सच्चाई बाहर आएगी.
दिशा सालियान केस फिर से खोलने की मांग
भाजपा विधायक राणे ने प्रदेश के पूर्व मंत्री की कथित भूमिका के लिए दिशा सालियान की मौत के मामले में फिर से जांच की मांग की. राणे ने कहा कि मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है. लेकिन पहले की सरकार में कई सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है. इसलिए हम इस मामले को फिर से खोलने की मांग करते हैं.
हंगामे के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई. विपक्ष के नेता अजीत पवार ने कार्यवाही को रोकने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सत्तारूढ़ दलों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि सत्ताधारी दल गैर-मुद्दों पर हंगामा कर रहे हैं. अजीत पवार ने कहा कि ऐसी नौटंकी करने के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए.
अजीत पवार ने कहा कि दिशा सालियान केस को CBI ने अपने हाथ में लिया था और पता चला था कि यह सुसाइड का मामल है. हम महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे लेकिन सत्ता पक्ष हंगामा करने लगा, क्या उन्हें सीबीआई पर भरोसा नहीं है? यह लोकतंत्र के खिलाफ है और हम इसकी निंदा करते हैं. कोई ऐसी मांग कैसे कर सकता है और नार्को टेस्ट करा सकता है.

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