
महाराष्ट्र प्रीमियर लीग 2024... MVA और महायुति दोनों के सामने कई चुनौतियां, गठबंधन में कौन साबित होगा कमजोर कड़ी?
AajTak
Maharashtra Assembly Polls: एमपीएल में छह अलग-अलग पिचों पर छह मैच होंगे: विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र, पश्चिम महाराष्ट्र, मुंबई और ठाणे-कोंकण. दोनों टीमों के पास हरफनमौला खिलाड़ियों के साथ-साथ विशेषज्ञ भी हैं. सभी पिचों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं और इन पर सफल पारी खेलने के लिए खिलाड़ियों के पास स्पेशल स्किल सेट की आवश्यकता होती है.
महाराष्ट्र प्रीमियर लीग (विधानसभा चुनाव) 20 नवंबर को होने जा रही है. ट्रॉफी के लिए दो टीमें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं: महा विकास अघाड़ी (एमवीए) और महायुति. कांग्रेस एमवीए की कप्तान है; शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) खिलाड़ी हैं. भारतीय जनता पार्टी महायुति की कप्तान है. शिवसेना (एकनाथ शिंदे), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) खिलाड़ी हैं.
एमपीएल में छह अलग-अलग पिचों पर छह मैच होंगे: विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र, पश्चिम महाराष्ट्र, मुंबई और ठाणे-कोंकण. दोनों टीमों के पास हरफनमौला खिलाड़ियों के साथ-साथ विशेषज्ञ भी हैं. सभी पिचों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं और इन पर सफल पारी खेलने के लिए खिलाड़ियों के पास स्पेशल स्किल सेट की आवश्यकता होती है. एनसीपी (एपी) और एनसीपी (एसपी) जैसे खिलाड़ी पश्चिम महाराष्ट्र की पिच के विशेषज्ञ हैं. विदर्भ की पिच पर कांग्रेस और बीजेपी का दबदबा रहता है. वहीं, सेना के दोनों गुटों के लिए मुंबई और ठाणे-कोंकण की पिच फेवरेबल रहती है.
महाराष्ट्र के अलग-अलग सियासी पिचों की विशेषताएं
विदर्भ: यह महाराष्ट्र का सूखा प्रभावित क्षेत्र है, जहां कम वर्षा होती है. विदर्भ राज्य में कृषि संकट का केंद्र है. महाराष्ट्र में होने वाली किसान आत्महत्याओं में से आधे से ज्यादा विदर्भ में होते हैं. यह राज्य का अपेक्षाकृत पिछड़ा क्षेत्र है जिसकी प्रति व्यक्ति आय महाराष्ट्र के औसत का 30 प्रतिशत है.
मराठवाड़ा: महाराष्ट्र की एक तिहाई मराठा आबादी यहीं रहती है. यह क्षेत्र विदर्भ की तरह, सूखे (विदर्भ की तुलना में कम प्रभावित) का सामना करता है. किसानों की आत्महत्या के मामले में मराठवाड़ा, विदर्भ के बाद सबसे आगे है. इसकी प्रति व्यक्ति आय शेष महाराष्ट्र की केवल 60 प्रतिशत है.
पश्चिम महाराष्ट्र: इस क्षेत्र को राज्य का चीनी का कटोरा कहते हैं. इस क्षेत्र में एक मजबूत कोऑपरेटिव तंत्र है- चीनी कारखाने, क्रेडिट सोसायटी, बैंक. पश्चिम महाराष्ट्र आर्थिक रूप से सक्षम और मजबूत क्षेत्र है जिसमें राज्य के ऑटोमोबाइल और आईटी उद्योग भी हैं.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










