
महाराष्ट्र चुनावः बागियों ने बढ़ाई महायुति और MVA की टेंशन, कई सीटों पर आपसी टकराव बढ़ने से बदले सियासी समीकरण
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महाविकास अघाड़ी में कसबा सीट से कमल व्यहारे ने बागी रुख दिखाया है, उन्होंने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है, जबकि एरंडोल सीट से उद्धव गुट के नानाभाऊ महाजन ने बागी रुख अख्तियार किया है. वहीं महायुति में कल्याण ईस्ट से बीजेपी ने सुलभा गायकवाड़ को उतारा है, जबकि इसी सीट से शिंदे गुट से महेश गायकवाड़ भी चुनाव लड़ रहे हैं.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, सियासी पारा हाई होता जा रहा है. दरअसल, विधानसभा चुनाव के लिए आज (4 नवंबर) को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया समाप्त हो गई. इसके साथ ही कुछ बागी खुलकर सामने आ गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने नाम वापस ले लिए हैं.
कोल्हापुर उत्तर सीट पर कांग्रेस की उम्मीदवार मधुरिमा राजे छत्रपति ने नाम वापस ले लिया, वहीं, भाजपा मुंबई के बोरीवली से गोपाल शेट्टी को मनाने में सफल रही. हालांकि महायुति के लिए सिरदर्द अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि मुंबई के माहिम विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना उम्मीदवार दादा सरवणकर ने पार्टी नेतृत्व के दबाव के बावजूद अपना नाम वापस लेने से इनकार कर दिया है. उनका मुकाबला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे से है, जिन्हें सत्तारूढ़ महायुति के घटक भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी का समर्थन प्राप्त है.
कोल्हापुर में सतेज पाटिल ने मधुरिमा राजे छत्रपति के चुनाव से बाहर होने पर निराशा व्यक्त की, क्योंकि पश्चिमी महाराष्ट्र के अपने गढ़ों में से एक में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व नहीं रह गया है. ये झटका तब लगा जब कांग्रेस ने इस सीट पर अपने पिछले उम्मीदवार, पूर्व पार्षद राजेश लाटकर को बदल दिया और मधुरिमा को टिकट दिया था. मधुरिमा राजे छत्रपति कोल्हापुर लोकसभा सांसद और शाही परिवार के सदस्य शाहू छत्रपति की बहू हैं.
महाविकास अघाड़ी में कसबा सीट से कमल व्यहारे ने बागी रुख दिखाया है, उन्होंने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है, जबकि एरंडोल सीट से उद्धव गुट के नानाभाऊ महाजन ने बागी रुख अख्तियार किया है. क्योंकि इस सीट से उद्धव गुट के सतीश पाटिल चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं, नानाभाऊ भी इसी सीट से ताल ठोक रहे हैं. वहीं, महायुति में कल्याण ईस्ट से बीजेपी ने सुलभा गायकवाड़ को उतारा है, जबकि इसी सीट से शिंदे गुट से महेश गायकवाड़ भी चुनाव लड़ रहे हैं.
एमवीए खेमे में कौन बागी और कौन पीछे हटा?
कसबा सीट- रवींद्र धांगेकर (कांग्रेस) बागी- कमल व्यहारे (कांग्रेस) - नाम वापस नहीं लिया

असम के बिजनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले के विरोध में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की. गुस्साए कार्यकर्ताओं ने दफ्तर का सामान क्षतिग्रस्त किया और गायक जुबीन गर्ग की तस्वीर पर भी हमला किया. घटना के बाद आलोचना तेज हो गई है. मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई, जबकि पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है.

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भारतीय राजनीति में आज की तारीख ऐतिहासिक है. वो तारीख जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने एक रिकॉर्ड बनाया है, ये रिकॉर्ड है सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख बने रहने का. पीएम मोदी ने जब से सत्ता संभाली है तब से लगातार वो सरकार प्रमुख रहे हैं, चार बार वो गुजरात के मुख्यमंत्री रहे उसके बाद तीन बार से लगातार प्रधानमंत्री हैं. कुल मिलाकर 8931 दिन से पीएम मोदी सरकार प्रमुख हैं और आगे ये रिकॉर्ड बढ़ता ही जाएगा.

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