महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद: शिवसेना सांसद की बेलगाम में एंट्री बैन, प्रदर्शन में होने वाले थे शामिल
AajTak
बेलगाम शहर में 10 दिवसीय शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. जिसके विरोध में मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमएमईएस) सोमवार को बेलगावी के जिला मुख्यालय तिलकवाड़ी में एक विरोध प्रदर्शन करने जा रही है. जिसमें जिला प्रशासन ने शिंदे गुट की शिवसेना सांसद धैर्यशील माने के प्रवेश पर रोक लगा दी है.
महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. इसको लेकर हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग बैठक कर समिति बनाने का फैसला किया था. इस बीच बेलगाम शहर में 10 दिवसीय शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. जिसके विरोध में मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमएमईएस) सोमवार को बेलगावी के जिला मुख्यालय तिलकवाड़ी में एक विरोध प्रदर्शन करने जा रही है. जिसमें जिला प्रशासन ने शिंदे गुट की शिवसेना सांसद धैर्यशील माने के प्रवेश पर रोक लगा दी है.
दरअसल, हटकनंगले निर्वाचन क्षेत्र से सांसद धैर्यशील माने ने जिला अधिकारियों को उनके दौरे की व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखा था. बेलगावी शहर के पुलिस आयुक्त को लिखे अपने पत्र में माने ने कहा है कि उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा के साथ एक पायलट कार और एस्कॉर्ट प्रदान की जानी चाहिए. लेकिन, बेलगावी जिले के उपायुक्त नितेश के पाटिल ने शहर में सांसद की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने का निषेधाज्ञा जारी कर दिया. पाटिल ने कहा कि सांसद एमएमईएस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां संभावना है कि वह भड़काऊ भाषण दे सकते हैं, जिससे भाषाई विवाद पैदा होगा और कानून व्यवस्था की समस्या पैदा होगी. यह अंततः सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाएगा.
जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा, "कानून और व्यवस्था बनाए रखने और शांति बनाए रखने के लिए मैं नितेश के पाटिल, जिला मजिस्ट्रेट, बेलगावी जिला सीआरपीसी की धारा 144 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी करता हूं कि महाराष्ट्र के सांसद धैर्यशील माने को बेलगवी जिले की सीमा में प्रवेश से रोकने के लिए कदम उठाए जाएं."
इस बीच, एक एमएमईएस नेता सूरज कानबारकर ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पुलिस ने वैक्सीन डिपो में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी है. उन्होंने कहा, 'हालांकि, हमें यकीन नहीं है कि महाराष्ट्र के कौन से नेता के यहां कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है, हालांकि हमने सभी महत्वपूर्ण लोगों को निमंत्रण दिया है.'
बता दें कि महाराष्ट्र यह कहते हुए बेलगावी के राज्य में विलय की मांग कर रहा है कि जिले में मराठी आबादी काफी है. महाराष्ट्र एकीकरण समिति, जो पांच दशकों से अधिक समय से इस मुद्दे के लिए लड़ रही थी, अपनी मांग उठाने के लिए अपने सदस्यों को कर्नाटक विधानसभा में भेजने में सफल रही. हालांकि, वर्तमान कर्नाटक विधानसभा में समिति का कोई प्रतिनिधि नहीं है.
वहीं कर्नाटक ने हमेशा कहा है कि सीमा विवाद को महाजन समिति द्वारा सुलझाया गया था और किसी अन्य राज्य को भूमि का कोई टुकड़ा देने का कोई सवाल ही नहीं है. सत्तारूढ़ भाजपा के सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों ने हमेशा गतिविधियों को जारी रखने के लिए समिति का समर्थन किया.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

आज बात पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दंगल की जहां टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है. बंगाल की सियासत इस वक्त अपने चरम पर है, जहां हर बयान, हर कदम और हर मंच चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुका है. कल ईद के मौके पर मंदिर -मस्जिद का रंग देखने को मिला. ममता बनर्जी ने कोलकाता में ईद के मौके पर बीजेपी के घुसपैठिए वाले मुद्दे पर अबतक का सबसे बड़ा पलटवार किया. ईद-उल-फितर के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में ममता ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा घुसपैठिया बता दिया. ये वही मुद्दा है जिस पर पीएम मोदी लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. ममता के बयान पर बीजेपी ने हार की हताशा में दिया गया बयान बताया. वहीं बीजेपी ने भी बंगाल में अपने वोटरों को मैसेज दिया है. शुभेंदु अधिकारी कालीघाट मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और मां काली से आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि बंगाल में घुसकर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बहुत अत्याचार किया है. बंगाल में अगले महीने दो चरण में वोटिंग होनी है. ऐसे में जैसे-जैसे तारीख नजदीक आएगी, बयान और भी तीखे होंगे और सियासी चालें और भी पेचीदा. लेकिन सवाल ये कि क्या बंगाल मंदिर-मस्जिद की राजनीति से बाहर निकल पाएगी. इस बार बंगाल में किस पार्टी की नैरेटिव का सिक्का चलेगा. बीजेपी-टीएमसी की आमने-सामने की लड़ाई में आखिर कांग्रेस और कभी 34 साल तक लगातार सरकार में रहने वाली लेफ्ट क्या कर रही है.

दिल्ली में जद (यू) के पूर्व नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोक दल जॉइन कर लिया. उन्होंने जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. इससे पहले मंगलवार को उन्होंने बिना कारण बताए जद (यू) से इस्तीफा दिया था. 2003 से पार्टी से जुड़े त्यागी महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं.

पंजाब की मान सरकार की 'एकमुश्त निपटान स्कीम' को व्यापारियों का भारी समर्थन मिला है. पुराने टैक्स बकाये के जरिए अब तक सरकारी खजाने में 111.16 करोड़ रुपये आ चुके हैं. हालांकि, इस राहत का फायदा सिर्फ 31 मार्च तक ही उठाया जा सकता है. इसके बाद सरकार नरम रुख छोड़कर सख्त एक्शन लेगी और करीब 8,000 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

विश्व जल दिवस पर 'जल है तो कल है' जैसे नारे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत आज भी बहुत कड़वी है. सरकारी कागजों में 'हर घर जल' के बड़े-बड़े दावे तो दिखते हैं, पर असलियत में आज भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है. कई परिवारों को तो पानी के लिए खुद कुएं तक खोदने पड़ रहे हैं. जब तक पानी के लिए यह जानलेवा संघर्ष और लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक ये जल दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख बनकर ही रह जाएगा.







