
महायुति या MVA... किसके लिए जीत की चाबी बनेंगी महाराष्ट्र की महिला वोटर्स? आंकडों से समझिए ताकत
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 12 क्षेत्रों में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोटिंग की. यह महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को दिखाता है. महायुति के लिए महिला वोटरों का समर्थन जीत की चाबी साबित हो सकता है.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार महिला वोटरों की भागीदारी ने सबका ध्यान खींचा है. कुल 3 करोड़ 34 लाख 37 हजार 57 पुरुषों, 3 करोड़ 6 लाख 49 हजार 318 महिलाओं और 1,820 अन्य वोटर्स ने मतदान किया. हालांकि, राज्य में पुरुष वोटरों की संख्या महिला वोटरों से 30,26,460 अधिक है, फिर भी कम से कम 12 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया है.
महिला वोटरों की यह भागीदारी खासकर तटीय इलाकों और विदर्भ में महायुति के लिए अहम साबित हो सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि 23 नवंबर (शनिवार) को आने वाले चुनाव परिणामों में महिला वोटिंग के इस ट्रेंड का असर कैसा रहता है.
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महिला वोटरों का दबदबा नंदुरबार जैसे क्षेत्र में महिलाओं ने पुरुषों से 94 वोट ज्यादा डाले. यहां 1,18,826 पुरुषों की तुलना में 1,18,920 महिलाओं ने मतदान किया. नवापुर में यह अंतर और बड़ा था, जहां महिलाओं ने पुरुषों से 1,808 अधिक वोट डाले. विदर्भ क्षेत्र में, नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट पर 1,13,415 महिलाओं ने वोट डाले, जो पुरुषों की संख्या 1,11,099 से 2,316 अधिक थे. नागपुर दक्षिण में यह अंतर 521 और नागपुर पश्चिम में यह फासला 483 वोटों का रहा.
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चंदगड में 1,23,918 महिलाओं ने मतदान किया, जो पुरुषों (1,21,774) से 2,144 ज्यादा रहा. रत्नागिरी जिले में महिलाओं ने फिर बाजी मारी. रत्नागिरी में 94,938 महिलाओं ने वोट डाले, जो पुरुषों (90,651) से 4,287 अधिक थे. गुहागर में 8,791, दापोली में 4,739 और श्रीवर्धन में 700 महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोटिंग की. डहानू में यह अंतर सबसे बड़ा था, जहां महिलाओं ने पुरुषों से 6,704 अधिक वोट डाले.

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