
मराठी एक्ट्रेस को 40 दिन की जेल, कंगना के बंगले पर बुलडोजर... 'कुणाल कामरा मोमेंट' में कितने सहनशील थे उद्धव-पवार?
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अभिनेत्री कंगना रनौत, मराठी अभिनेत्री केतकी चितले और रिटायर्ड नेवी ऑफिसर मदन शर्मा जैसे मामले हमें एमवीए सरकार में हुए उन केस की याद दिलाते हैं जब आलोचनाओं से तिलमिलाई सरकार ने इनके खिलाफ एक्शन लिया था. अभिनेत्री केतकी तो एक पोस्ट के लिए 40 दिनों तक जेल में रही थीं. और उनके खिलाफ 22 FIR दर्ज किए गए थे.
कुणाल कामरा की हालिया कॉमेडी पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक बिरादरी तक दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है. सत्तारूढ़ दल के नेता- कार्यकर्ता इसे कॉमेडी के दायरे से बाहर निकलकर पॉलिटिकल स्टेटमेंट बता रहे हैं और इसकी आलोचना कर रहे हैं. ये धड़ा इस कॉमेडी के लिए कुणाल कामरा से माफी की मांग कर रहा है.
वहीं विपक्षी पार्टियों के नेता कामरा की कॉमेडी को अभिव्यक्ति की आजादी का नाम दे रहे हैं. उनका तर्क है कि एक कलाकार को आलोचना, तंज और टिप्पणी का अधिकार होना चाहिए. उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कुणाल कामरा ने कुछ गलत कहा है. जो गद्दार है, वो गद्दार है. ठाकरे ने कहा कि कुणाल ने व्यंग्य नहीं हकीकत पेश की है.
हालांकि उद्धव ठाकरे के लिए 2020 में स्थिति दूसरी थी. तब अपनी सरकार की आलोचना से तिलमिलाये तत्कालीन महाराष्ट्र और बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना की ठन गई थी.
कंगना ने जब की थी उद्धव की आलोचना
तब कंगना रनौत ने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनकी सरकार की तीखी आलोचना की थी, खासकर सुशांत सिंह राजपूत मामले और मुंबई पुलिस की भूमिका को लेकर.
कंगना ने एक ट्वीट में लिखा था कि वो मुंबई में खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं और साथ ही यह भी लिखा था कि वो मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं करती हैं.

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