
मरने से पहले बयान, बहन पर सवाल और नए-नए मोबाइल वीडियो... उलझती जा रही है निक्की डेथ केस की मिस्ट्री
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ग्रेटर नोएडा में निक्की की मौत के मामले में हर दिन नया ट्विस्ट सामने आ रहा है. तस्वीरों से लेकर मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज तक, हर सुबूत एक अलग कहानी बता रहा है. दहेज, हत्या या आत्महत्या इस मामले में ये सवाल अब भी बरकरार हैं.
Greater Noida Nikki Death Case: क्या तस्वीरें भी झूठ बोलती हैं? या तस्वीरों के ज़रिए भी सामने वाले को वही दिखाया जाता है, जो वो दिखाना चाहता है? ये सवाल इसलिए है क्योंकि ग्रेटर नोएडा से सामने आई जिन दो तस्वीरों ने हरेक को परेशान कर दिया था. उन्हीं दो तस्वीरों की असलियत और उसके पीछे की कहानी अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है.
सबसे पहले पहली तस्वीर 21 अगस्त की शाम की बताई गई थी. कहा गया कि ये तस्वीर निक्की को जलाने से ऐन पहले की है. उस तस्वीर में निक्की को उसका पति विपिन और सास दया पीटते हुए नजर आ रही हैं. विपिन की पीठ के निचले हिस्से पर जख्म के निशान भी दिख रहे हैं.
फिर सामने आई दूसरी तस्वीर. जिसमें निक्की आग की लपटों से घिरी है और सीढ़ियों से नीचे उतर रही है. इन दोनों तस्वीरों के सामने आने के बाद इन्हीं तस्वीरों की जुबानी ये बताया गया कि 21 अगस्त की शाम निक्की को पहले ससुराल वालों ने पीटा फिर उसे जिंदा जला दिया. निक्की की बहन कंचन ने खुद को इस हादसे का चश्मदीद बताते हुए बाकायदा इसकी पूरी कहानी भी सुनाई थी. वो भी कैमरे पर.
इतना ही नहीं कंचन ने निक्की के बेटे के जरिए भी ये बताया था कि निक्की को आग लगाने के लिए लाइटर खुद विपिन ने जलाया था. तो दो तस्वीरें और निक्की की बहन कंचन और उसके बेटे की बातें आपने जान ली. अब निक्की की मौत को लेकर अचानक कहानी में जो नया ट्विस्ट आया है, उसे समझने और सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए जरूरी है, सिलसिलेवार कुछ बातों को समझना.
सबसे पहले निक्की की पिटाई से लेकर मौत और उसके अंतिम संस्कार तक की पूरी टाइमलाइन को समझना जरूरी है. घरवालों और चशमदीदों के बयान के मुताबिक, निक्की 21 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे झुलसी या झुलसाई गई थी. इसके करीब आधे घंटे बाद ठीक शाम 6 बजे निक्की ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में पहुंचाई जाती है. जिस गाड़ी में निक्की को घर से फोर्टिस अस्पताल तक ले जाया गया, उस गाडी़ में बुरी तरह झुलसी निक्की के अलावा उसकी सास दया, ससुर सतबीर और एक पड़ोसी देवेंद्र मौजूद था. देवेंद्र ही गाड़ी चला रहा था.
अस्पताल पहुंचने के बाद जिस पहले डॉक्टर और नर्स ने निक्की को देखा उस वक्त तक निक्की होश में थी और बात कर रही थी. निक्की ने उन्हीं डॉक्टर और नर्स को पूछने पर बताया कि घर में सिलेंडर फटने की वजह से वो झुलस गई. ये बात फोर्टिस अस्पताल की एमएलसी यानि मेडिको लीगल केस डायरी में दर्ज है. उस एमएलसी में निकिता के अस्पताल लाए जाने का वक्त भी लिखा हुआ है. शाम 6 बजे.

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