
'मनमोहन सिंह मौन नहीं थे, बात कम, काम ज्यादा करते थे', पुरानी संसद में बोले अधीर रंजन
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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पुरानी संसद में सोमवार को दिए अपने संबोधन में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को याद किया. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह को कहा जाता था कि वह मौन रहते हैं, वह मौन नहीं रहते थे. बल्कि काम ज्यादा और बात कम करते थे.
संसद के विशेष सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पुराने भवन में ही चली. इस दौरान लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद भवन की पुरानी यादों का ताजा किया. उन्होंने इस दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह तक कई प्रधानमंत्रियों को याद किया.
मनमोहन सिंह पर बात करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा,'हमारे मनमोहन सिंहजी को कहा जाता था कि वह मौन रहते हैं, वह मौन नहीं रहते थे. बल्कि काम ज्यादा और बात कम करते थे. जब जी-20 का सम्मेलन हुआ करता था, उस समय भी उन्होंने कहा था कि यह हमारे देश के लिए अच्छा है.'
अंतिम दिन भावुक होना स्वाभाविक: अधीर
उन्होंने आगे कहा,'जब यह खबर मिल रही है कि आज इस सदन का अंतिम दिवस है तो सही मायनों में भावुक होना तो स्वाभाविक है. ना जाने कितने दिग्गजों और देशप्रेमियों ने देश के लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए यहां योगदान दिया है. बहुत सारे हमारे पूर्वज इस दुनिया को छोड़कर चले गए. उनकी याद हम करते रहेंगे. यह सदन जरूर कहेगा. जिंदगी में कितने दोस्त आए और कितने बिखर गए. कोई दो रोज के लिए आया तो किसी ने चलते ही सांस भर ली. लेकिन जिंदगी का नाम ही है दरिया, वो तो बस बहता रहेगा, चाहे रास्ते में फूल गिरें या पत्थर.'
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पंडित नेहरू और आंबेडकर की बात जरूर

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