
'मणिपुर पर दुनिया में भारत की थू-थू हुई लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री चुप रहे', विधानसभा में बोले केजरीवाल
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दिल्ली विधानसभा में विशेष सत्र के दूसरे दिन चर्चा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी विधायक कह रहे हैं कि मणिपुर उनके लिए मायने नहीं रखता है और विधानसभा छोड़कर चले गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है कि मणिपुर से उनका कोई लेना देना नहीं है.
दिल्ली विधानसभा में विशेष सत्र के दूसरे दिन चर्चा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी को घेरा. उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक कह रहे हैं कि मणिपुर उनके लिए मायने नहीं रखता है और विधानसभा छोड़कर चले गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है कि मणिपुर से उनका कोई लेना देना नहीं है. मणिपुर के लोगों के दिल पर क्या गुजर रही होगी. उन्होंने कहा कि मणिपुर घटना पर प्रधानमंत्री चुप हैं. सीएम ने कहा कि पीएम मोदी को कम से कम शांति की अपील करनी चाहिए थी. लेकिन पीएम मणिपुर में शांति के लिए अपील तक जारी नहीं कर रहे हैं.
केजरीवाल ने कहा कि मणिपुर में 4 हजार घर जलाए गए, 60 हजार लोग बेघर हुए, डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई. साढ़े 300 धार्मिक स्थल जलाए गए, असम राइफल और मणिपुर पुलिस के बीच गोलाबारी हुई. पूरी दुनिया में भारत की थू-थू हुई. लेकिन भारत के प्रधानमंत्री चुप रहे. उन्होंने कहा कि जब एक वीडियो वायरल हुआ, महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ तब भी प्रधानमंत्री चुप रहे. जबकि मणिपुर के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि वहां यह रोज हो रहा है. घर में सब्जी ना बने, पानी ना आए तो प्रधानमंत्री को याद नहीं करते. लेकिन जब सारे सिस्टम फ़ैल हो जाएं तब लोग प्रधानमंत्री को याद करते हैं.
विधानसभा में सीएम केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के लोग पानी पी-पी कर जवाहरलाल नेहरू को गाली देते हैं. कम से कम जवाहरलाल नेहरू ने आंखों में आंखें डालकर चीन से युद्ध तो किया था. देश के लोगों से पूछना चाहता हूं कि आपको बिजनेस करने वाला प्रधानमंत्री चाहिए या देश का सम्मान करने वाला प्रधानमंत्री चाहिए. उन्होंने कहा कि हाथ में हाथ डालकर मंदिर में घूमने से इश्क होता है कूटनीति नहीं होती है. डिप्लोमेसी करने के लिए आंखें दिखानी होती हैं.
पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठीं महिला पहलवानों का जिक्र करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा कि महिला पहलवानों को पीएम मोदी से आश्वासन की उम्मीद थी. उम्र के लिहाज से भी प्रधानमंत्री बेटियों के पिता के समान हैं. अगर बाप मुंह मोड़ ले, तो बेटियां कहां जाएंगी.
केजरीवाल ने चीन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चीन हमें आंख दिखा रहा है, ललकार रहा है, लेकिन पीएम चुप हैं. साथ ही कहा कि पीएम महाबलेश्वर में चीनी प्रधानमंत्री का हाथ पकड़कर उनके साथ चल रहे थे. मई 2020 में चीन ने गलवान में भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने दिल्ली की 4 गुना जमीन पर कब्जा कर लिया, लेकिन पीएम चुप रहे.
हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा पर केजरीवाल ने कहा कि इसे लेकर दुनिया में थू-थू हुई, लेकिन पीएम मोदी चुप रहे. थोड़े दिन पहले उन्होंने भाषण दिया. उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, लेकिन बाद में उन नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया. केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में अडानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को कम से कम हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर एक ट्वीट करना चाहिए था. लोग अब अटकलें लगा रहे हैं कि मोदी अडानी मुद्दे पर चुप क्यों हैं.

Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










