
भारत में 'Zangi' और इन 13 मोबाइल एप्स पर क्यों लगा बैन? जान लीजिए
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भारत में 'Zangi' और अन्य 13 मैसेजिंग ऐप्स को बैन किया गया है, जिन्हें अपराधी और आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे. ये ऐप्स सुरक्षा समस्याएं पैदा करते हैं क्योंकि इन्हें ट्रैक करना मुश्किल है. इनमें से कुछ ऐप्स, जैसे 'Zangi', यूजर्स की पहचान या डेटा स्टोर नहीं करते, जिससे उनकी गतिविधियों की निगरानी मुश्किल हो जाती है.
वॉट्सएप और टेलीग्राम आपके चॉइस से आपका डिफॉल्ट मैसेजिंग एप हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल सभी नहीं कर सकते. गैंगस्टर्स, आतंकवादी, गैरकानूनी उग्रवादी और अन्य अपराधी कुछ ऐसे ऐप्स पर निर्भर हैं जिनके बारे में शायद ही किसी ने सुना हो. यही वजह है कि भारत सरकार ने कुछ एप्स को बैन किया था, जो सुरक्षा अधिकारियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे थे.
केंद्र द्वारा बैन किया गया एक 'Zangi' नाम का एप भी है, जो कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में केंद्रित कुख्यात गिरोहों के गिरफ्तार सदस्यों के फोन पर पाया गया है. 'Zangi' उन 14 मोबाइल ऐप्स में से एक है जिन्हें पिछले साल मई में सरकार ने भारत में "बैन" कर दिया था.
इन एप्स को किया गया बैन
'Zangi' के अलावा, Nandbox, 2nd Line, Threema, Safeswiss, Element, IMO, MediaFire, Briar, BChat, Crypviser, Enigma, और Wickr Me को कथित रूप से सुरक्षा चिंताओं की वजह से बैन कर दिया गया था. सूत्रों की मानें तो इन ऐप्स का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित हैंडलर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से संवाद करने के लिए कर रहे थे.
क्या समस्या है?
संक्षेप में कहें तो इन एप्स के मैसेजेस को ट्रैक या रिट्रीव नहीं किया जा सकता है.

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