
भारत को रूसी तेल ख़रीदने के लिए क्या अमेरिका से इजाज़त लेने की ज़रूरत है?
BBC
अमेरिका ने भारत को रूस से तेल ख़रीदने के लिए '30 दिन की छूट दी है.' वहीं पहले अमेरिका ने रूस से तेल ख़रीदने पर भारत पर अतिरिक्त 25 फ़ीसदी का टैरिफ़ लगा दिया था.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिफ़ाइनरियों को रूस से तेल ख़रीदने के लिए 30 दिन की छूट दी है.
कहा गया कि भारत को यह छूट इसलिए दी गई है कि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध की वजह से तेल की कमी न हो. स्कॉट बेसेंट के इस बयान से दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सवाल उठने लगे हैं.
विपक्ष का सबसे गंभीर सवाल यह था कि अमेरिका भारत को 4 अप्रैल 2026 तक रूस से कच्चा तेल ख़रीदने की "इजाज़त" देने की शर्तें कैसे तय कर सकता है, बल्कि सवाल यह भी उठाया गया है कि अमेरिका यह तय करने वाला "कौन" होता है.
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने के दौरान ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बढ़ाए गए टैरिफ़ को रद्द कर दिया था.
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इस क़दम के पीछे अमेरिका की क्या रणनीति थी, इसके बारे में अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सफ़ाई दी है.
शुक्रवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह अस्थायी क़दम है, जिसका मक़सद ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल के बाज़ार पर पड़ रहे दबाव को कम करना है.

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