
'भारत-अमेरिका में जल्द होंगे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट', पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला का बड़ा बयान
AajTak
भारत पर थोड़ी देर में अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू होने वाला है, जिससे कुल टैरिफ 50 फीसदी हो जाएगा. इस बीच पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने उम्मीद जताई कि दोनों देश फ्रीड ट्रेड पर समझौते को जल्द पूरा करेंगे और रिश्ते मजबूत होंगे.
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत फिलहाल रुकी हुई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया 25% अतिरिक्त टैरिफ प्रभावी होने वाला है, जिसके बाद भारत पर कुल 50% टैरिफ लगेगा. भारतीय समयानुसार सुबह 9:31 बजे से यह टैरिफ प्रभावी हो जाएगा. इस बीच पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों में जल्द फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होंगे, जिससे ट्रंप की संभावित भारत यात्रा और पुख्ता होगी.
पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "उम्मीद है कि हम भारत और अमेरिका के बीच एक संतोषजनक और आपसी हित में लाभकारी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्द ही पूरा करने का रास्ता निकाल लेंगे, देर से नहीं. यह समझौता निश्चित रूप से राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा को अगले स्तर तक ले जाएगा..."
यह भी पढ़ें: '...कि सिर चकरा जाएगा', भारत-पाक जंग पर फिर अटक गई ट्रंप की सुई, टैरिफ प्रेशर को लेकर लंबी-लंबी हांकने लगे
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, इस कदम का असर भारत से अमेरिका जाने वाले 60.2 बिलियन डॉलर के निर्यात पर पड़ेगा. खासकर टेक्सटाइल्स, जेम्स–ज्वेलरी, श्रिम्प, कारपेट्स और फर्नीचर जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर में शिपमेंट्स 70% तक गिर सकती हैं. इसका सीधा असर लाखों कामगारों पर होगा.
टैरिफ के असर को कम करने के उपाय तलाश रहे हैं- हर्षवर्धन श्रृंगला
पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि हम इसके असर को कम करने के उपाय तलाश रहे हैं.. उन्होंने बताया कि भारत के पास ऑस्ट्रेलिया, यूएई और यूके के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पहले से मौजूद हैं और यूरोपियन यूनियन के साथ समझौता जल्द पूरा होने की उम्मीद है. इससे भारत अपने निर्यात को वैकल्पिक बाजारों की ओर मोड़ सकता है.

बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी के चुनाव से पहले अमेरिकी राजदूत की जमात-ए-इस्लामी प्रमुख डॉ शफीकुर रहमान से मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है. इस बातचीत का फोकस चुनाव, राज्य सुधार, अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोहिंग्या संकट पर रहा. अमेरिका की जमात से बढ़ती नजदीकियों को आगामी चुनाव में उसके संभावित बड़े रोल से जोड़कर देखा जा रहा है.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.








