
ब्लिंकन, सुलिवन समेत इन अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द... बाइडेन के बाद उनके 'चहेतों' पर भी ट्रंप प्रशासन का एक्शन
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन के फैसले के तहत अब बाइडेन कार्यकाल के इन अधिकारियों को किसी भी गोपनीय या संवेदनशील सरकारी जानकारी तक पहुंच नहीं दी जाएगी. इस फैसले की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने की. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने बाइडेन प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी (सिक्योरिटी क्लीयरेंस) रद्द कर दी है. इस फैसले के तहत इन अधिकारियों को अब किसी भी गोपनीय या संवेदनशील सरकारी जानकारी तक पहुंच नहीं दी जाएगी. जिन वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द की गई है, उनमें पूर्व विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन, पूर्व अमेरिकी डिप्टी अटॉर्नी जनरल लिसा मोनाको, पूर्व अमेरिकी राजदूत नॉर्मन ईसेन, न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स, मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन ब्रैग और अमेरिकी वकील एंड्रयू वीसमैन शामिल हैं.
इसके अलावा, उन 51 लोगों की भी सुरक्षा मंजूरी खत्म कर दी गई है, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान हंटर बाइडेन से जुड़े "भ्रम फैलाने वाले" पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. इस फैसले की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने की. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई है.
तुलसी गबार्ड ने दी जानकारी
गबार्ड ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "राष्ट्रपति के निर्देशानुसार, मैंने एंटनी ब्लिंकन, जेक सुलिवन, लिसा मोनाको, मार्क जैद, नॉर्मन ईसेन, लेटिटिया जेम्स, एल्विन ब्रैग और एंड्रयू वीसमैन की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी है. साथ ही, हंटर बाइडेन के गलत सूचना पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 51 लोगों की भी सुरक्षा मंजूरी रद्द की गई है और उन्हें अब गोपनीय जानकारी तक पहुंच नहीं मिलेगी. इसके अलावा, पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन को अब रोजाना सुरक्षा की जानकारी भी नहीं दी जा रही है."
बाइडेन की भी सुरक्षा मंजूरी कर दी गई थी रद्द
इससे पहले, 8 फरवरी को व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जो बाइडेन की सुरक्षा मंजूरी भी रद्द कर दी है. अब उन्हें दैनिक खुफिया ब्रीफिंग नहीं दी जाएगी. व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के निर्देशानुसार, जो बाइडेन की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई है और उनकी दैनिक खुफिया ब्रीफिंग तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है."

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.






