
ब्रिटेन पहुंचा बी-1 बॉम्बर, अमेरिका क्या ईरान के ख़िलाफ़ करने जा रहा है इस्तेमाल
BBC
अमेरिका का बी-1 बॉम्बर एयरक्राफ्ट ब्रिटेन पहुंच चुका है. 34 टन तक हथियार और सामान ढोने की क्षमता वाले बी-1 बॉम्बर का इस्तेमाल सीरिया, लीबिया, अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में किया गया था.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर किएर स्टार्मर के ब्रिटिश बेस से ईरान के मिसाइली अड्डों के ख़िलाफ़ "डिफ़ेंसिव" अमेरिकी कार्रवाई को मंज़ूरी दे दी है. इसके बाद 24 क्रूज़ मिसाइल ले जाने में सक्षम एक अमेरिकी बॉम्बर ब्रिटेन में उतरा है.
सर किएर ने शुरू में अमेरिका को ईरान के ख़िलाफ़ इसराइल के साथ उसके संयुक्त हमले में ब्रिटिश सैन्य अड्डों के इस्तेमाल करने की इजाज़त देने से मना कर दिया था, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अनबन हो गई थी.
यह एयरक्राफ्ट तब आया है जब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा कि ईरान पर हमले "बहुत ज़्यादा बढ़ने वाले हैं."
146 फ़ुट का बी-1 लांसर शुक्रवार शाम को ग्लूस्टरशर में आरएएफ़ फ़ेयरफ़ोर्ड पहुंचा.
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ट्रंप ने इस हफ़्ते की शुरुआत में ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि वह इस फ़ैसले से "ब्रिटेन से ख़ुश नहीं हैं", जिसकी वजह से पिछले सप्ताह के अंतिम दिनों में हमले करने के लिए अमेरिका के प्लेन "कई घंटे अतिरिक्त उड़े."
ग्लूस्टरशर में आरएएफ़ फ़ेयरफ़ोर्ड और हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया का इस्तेमाल करने की अमेरिका को इजाज़त देने के बाद, प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि सरकार "आसमान से शासन बदलने में यकीन नहीं करती."

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