
ब्रिटेन के Gen Z में बढ़ रहा चाय और समोसे का क्रेज, UKTI के सर्वे में हुआ खुलासा
AajTak
ब्रिटेन में चाय के साथ बिस्किट की जगह समोसा और गेब्रोला लेते दिखाई दे रहे हैं. हाल ही में एक रिपोर्ट में सामने आया कि ब्रिटेन के युवा तेजी से चाय के साथ समोसे को बिस्किट के विकल्प के तौर पर ले रहे हैं.
ब्रिटेन में चाय के साथ बिस्किट खाने की परंपरा बहुत ही पुरानी है, लेकिन इन दिनों इस टेस्ट में बदलाव को लेकर नए प्रयोग भी देखने को मिल रहे हैं. हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में अब कई युवा चाय के साथ समोसा और ग्रेनोला को पसंद कर रहे हैं.
यूनाइटेड किंगडम टी एंड इन्फ्यूजन एसोसिएशन (United Kingdom Tea & Infusions Association) की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक 18 से 29 वर्ष के लोगों में दस में से एक चाय के साथ समोसा खाना पसंद कर रहा है. 1,000 लोगों पर किये गये सर्वे में सामने आया कि तकरीबन आठ फीसदी लोग चाय के साथ ग्रेनोला खाना पसंद कर रहे हैं.
वहीं चाय के साथ लोगों की दूसरी पसंद समोसा है. हालांकि रिसर्च में शामिल 65 से अधिक उम्र के लोग अभी भी बिस्किट को लेना ही पसंद कर रहे हैं. ऐसे में साफ़ है कि ये चलन युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है. यूकेटीआईए की मुख्य कार्यकारी डॉक्टर शेरॉन हॉल ने इस मामले में मीडिया से बात करते हुए बताया कि मुझे लगता है कि ग्रेनोला बार और समोसे से लोगों का पेट भर जाता है, ऐसे में शायद इन्हें चाय के साथ बिस्किट की जगह शामिल करने की यह एक वजह हो सकती है.
शेरॉन ने आगे कहा कि शायद ऐसे लोग कुछ चटपटा या मसालेदार ढूंढ रहे हों, जिसमें उन्हें बिस्किट के स्थान पर समोसा एक बेहतर विकल्प के तौर पर समझ आया होगा. उन्होंने आगे कहा कि "एक चीज जिसके बारे में हम और अधिक जानने में रुचि रखते हैं, वह यह है कि ऐसा भोजन उन्हें हाल की यात्रा की याद दिलाता है और समोसे के साथ उन्हें उस स्मृति में वापस ले जाता है.
मार्केट रिसर्च कंपनी मिंटेल के एक और अध्ययन से पता चलता है कि 16 से 24 साल के बच्चों की चाय के साथ मीठे बिस्किट लेने की संभावना 55 वर्ष से अधिक उम्र वालों की तुलना में आधी है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











