
बीरभूम हिंसा मामला: एक्शन मोड में CBI, 21 आरोपियों पर दंगे की धाराओं में दर्ज किया केस
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बीरभूम जिले के बागतुई गांव में आठ लोगों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. साथ ही हाईकोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि वो 7 अप्रैल तक अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट फाइल करे.
पश्चिम बंगाल के बीरभूम हिंसा मामले में सीबीआई (CBI) एक्शन मोड में आ गई है. इस मामले में गिरफ्तार 21 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने दंगे से जुड़ी धाराएं लगाई हैं. साथ ही जांच के लिए सीबीआई की फोरेंसिक टीम रामपुरहाट इलाके में पहुंच गई है. यहां सीबीआई की टीम मामले से संबंधित फाइलों और दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले रही है.
बता दें कि बीरभूम जिले के बागतुई गांव में आठ लोगों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. साथ ही हाईकोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि वो 7 अप्रैल तक अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट फाइल करे.
वहीं, इस आदेश के बाद दबाव में आई ममता सरकार ने पुलिस को ताबड़तोड़ गिरफ्तारी का आदेश दिया था. इस मामले में बीते 72 घंटे में पुलिस ने 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन सभी पर अब सीबीआई ने नकेल कसनी शुरू कर दी है. शुक्रवार को टीम ने उस जगह का दौरा किया, जहां घरों को जलाया गया था. बगटुई गांव की सुरक्षा सख्त कर दी गई है.
गौरतलब है कि बता दें कि बीरभूम जिले के रामपुरहाट में टीएमसी नेता की हत्या के बाद हिंसा भड़क गई थी. यहां कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया था. आग से जलकर 2 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें 3 महिलाएं भी शामिल थीं.
जिंदा जलाने के केस में गिरफ्तार आरोपियों में भादू शेख के परिवार के छह सदस्य शामिल हैं. इसके अलावा रामपुरहाट ब्लॉक का टीएमसी अध्यक्ष अनरूल हुसैन भी शामिल है. पीड़ितों के परिजनों ने कहा है कि वह इस मामले का मास्टर माइंड है. वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का दावा था कि दमकल कर्मियों ने शव बरामद करने के लिए 10 घंटे तक इंतजार किया.

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