
बिहार में सारण के बाद अब पड़ोसी सीवान जिले में भी जहरीली शराब से मौतें, अबतक 58 लोगों की गई जान
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इससे पहले बिहार के सारण में इसुआपुर और मशरक थाना क्षेत्र में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से अब तक 53 लोगों की मौत हो गई. अब सीवान में जहरीली शराब से 4 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है.
बिहार के सारण के बाद अब सीवान से भी जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया है. सीवान के भगवानपुर में 5 लोगों की कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मौत हो गई. सीवान में जहरीली शराब से मौत का मामला ऐसे वक्त पर सामने आया, जब पड़ोसी सारण जिले के छपरा में नकली शराब पीने से 53 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि भगवानपुर के ब्रह्मस्थान पंचायत के एक गांव में इन चार लोगों की मौत हुई है. यह गांव सारण में मशरक के बहरौली से सटा है. सारण के मशरक और इसुआपुर में ही जहरीली शराब पीने से 53 लोगों की मौत हुई है. मरने वालों में सबसे ज्यादा बहरौली गांव के ही लोग हैं.
दो जिलों में 58 की मौत बिहार के दो जिलों सारण और सीवान में अब तक कुल 58 लोगों की मौत हो गई है. सारण के जहां मशरक और इसुआपुर में तो सीवान के भगवानपुर में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत की खबर सामने आई है. भले ही सीवान का ये इलाका मशरक के पास हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि दोनों जगहों पर मृतकों ने एक ही जगह से शराब लाकर पी या अलग अलग जगह से.
सारण में जारी है ताबड़तोड़ छापेमारी सारण में शराब से मौत के मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. इसमें 31 पुलिसकर्मी हैं. इतना ही नहीं मामले में मशरक पुलिस स्टेशन के SHO और एक स्थानीय चौकीदार को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा मरहौरा के सब डिवीजनल पुलिस अफसर के ट्रांसफर की सिफारिश की गई है. उनके खिलाफ विभागीय जांच की मांग की गई है. डीएम और एसपी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि जिन्हें इस बारे में जो कुछ भी जानकारी है, वे लोग बिना डर के आगे आएं और पुलिस को जानकारी दें.
उधर, पुलिस इस मामले में पूरे सारण जिले में छापेमारी कर रही है. अब तक शराब के कारोबार से जुड़े 126 लोगों को गिरफ्तार किया है. चार हजार लीटर से अधिक अवैध शराब भी जब्त की गई है.सड़क से सदन तक हंगामा
बिहार में 2016 में नीतीश सरकार ने शराब की बिक्री और सेवन पर बैन लगाया था. शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब से मौत के मामले में नीतीश कुमार सरकार बैकफुट पर है. बीजेपी सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक इस मुद्दे पर नीतीश सरकार पर निशाना साध रही है. इसी बीच शराब को लेकर नीतीश कुमार का एक बयान भी चर्चा में है. नीतीश के इस बयान ने बीजेपी को उन्हें घेरने का मौका दे दिया है. दरअसल, नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा था कि ''जो नकली शराब पिएगा वह तो मरेगा ही, लोगों को खुद ही सचेत रहना होगा.'' नीतीश ने कहा कि कुछ लोगों का क्या कर सकते हैं. कुछ लोग गलती करते ही हैं. जो शराब पिएगा वो तो मरेगा ही.
वहीं, बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों लोग शराब पीते हैं क्या ये सब मर जाएं? सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार पहले कहते थे कि जो शराब पीता है, वो महापापी है और वह भारतीय नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि बिहार में जहां शराबबंदी है, वहां जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत हो रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की टिप्पणी अनुचित है.

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