
बिहार में उपचुनाव से पहले महागठबंधन में तकरार! RJD उम्मीदवारों के लिए नीतीश नहीं करेंगे प्रचार
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बिहार की मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को उपचुनाव होना है. इन सीटों पर आरजेडी के प्रत्याशी मैदान में हैं. चुनाव प्रचार के लिए महागठबंधन दल के नेता मैदान में उतरेंगे. नीतीश कुमार ने भी पहले प्रचार के लिए तैयार थे लेकिन अंतिम समय में उन्होंने प्रचार के लिए मना कर दिया. इसके महागठबंधन सरकार में पहली तकरार के रूप में देखा जा रहा है.
बिहार की गोपालगंज और मोकामा सीट पर 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले महागठबंधन में बड़ी दरार देखने को मिल रही है. इन सीटों पर अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आरजेडी उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं करेंगे.
नीतीश कुमार ने पेट और पैर में लगी चोट का हवाला देते हुए कहा कि वह अभी अस्वस्थ हैं, इस कारण वह मोकामा और गोपालगंज में आरजेडी उम्मीदवारों के लिए प्रचार नहीं कर पाएंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि जेडीयू के अन्य बड़े नेता दोनों सीटों पर आरजेडी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने जाएंगे.
महा गठबंधन सरकार बनने के बाद से ही नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि महागठबंधन बिल्कुल एकजुट है. इस बार कोई दिक्कत नहीं है लेकिन आगामी उप चुनाव में जनता दल यूनाइटेड और आरजेडी के बीच में पहली दरार पैदा कर दी है.
मोकामा सीट से अनंत सिंह की पत्नी हैं प्रत्याशी
मोकामा विधानसभा सीट के उपचुनाव में अनंत सिंह पत्नी नीलम देवी आरजेडी की उम्मीदवार हैं. नीलम देवी बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह की पत्नी हैं. यह बात जगजाहिर है कि नीतीश कुमार के अनंत सिंह के साथ रिश्ते बेहद खराब हैं. अनंत सिंह अभी जेल में बंद है. ऐसे कहा जाता है कि उसे सलाखों के पीछे भेजने में नीतीश सरकार की बड़ी भूमिका है.
नीतीश कुमार ने बुधवार को महागठबंधन के दल और आरजेडी के दबाव में मोकामा में प्रचार करने की हामी भर दी थी लेकिन दोपहर होते-होते उन्होंने गंगा घाट के निरीक्षण के दौरान लगी चोट को मीडिया को दिखा दिया. इसके बाद से इस बात को बल मिल गया कि शायद अब इसी का बहाना बनाकर नीतीश उपचुनाव में प्रचार प्रसार नहीं करेंगे और आखिरकार हुआ भी यही.

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