
बिहार: पूर्णिया के नामी अस्पताल में मिला डॉक्टर का शव, हत्या या खुदकुशी... उलझी गुत्थी
AajTak
Bihar News: पूर्णिया में एक नामी हॉस्पिटल में एक डॉक्टर की मौत हो गई है. उनका शव अस्पताल में उनके चैम्बर में मिला. मृतक डॉक्टर का नाम डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी था.
Bihar News: बिहार के पूर्णिया में एक नामी हॉस्पिटल में एक डॉक्टर की मौत हो गई है. घटना को लेकर संशय बरकरार है कि यह सुसाइड या फिर मर्डर है. मंगलवार सुबह सूचना मिली कि हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी अपने अस्पताल के चैम्बर में ही मृत पाए गए. सूचना मिली कि डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी ने सुसाइड कर लिया है.
मगर जब मीडियाकर्मी हॉस्पिटल पहुंचे तो उनको डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी के शव के पास जाने से रोक दिया गया. मीडियाकर्मियों की गार्ड्स के साथ तीखी बहस भी हुई. लेकिन गार्ड्स ने मीडियाकर्मियों को डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी के शव तक जाने की इजाजत नहीं दी. सूचना मिलने पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सरोज अस्पताल पहुंचे. उन्होंने वहां अस्पतालकर्मियों से पूछताछ की.
सदर एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ में उन्हें अस्पताल कर्मियों ने बताया है कि डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी को फूड पॉइजिंग की शिकायत थी. अगले ही पल एसडीपीओ साहब यह भी कहते हुए सुनाई देते हैं कि उनके आसपास से भारी मात्रा में एनेस्थेसिया पाया गया है. प्रथम दृष्टया में ये आत्महत्या लग रहा है.
साथ ही एसडीपीओ ने डॉक्टर सोमनाथ मामले में उनकी पारिवारिक परेशानी होने की बात कही. जब मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा कि सुसाइड और फूड पॉइजनिंग एक साथ कैसे हो सकता है तो एसडीपीओ अनुसंधान का हवाला देते हुए जांच का विषय होने की बात कही. उन्होंने मृतक डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी के मोबाइल के सीडीआर भी जांच करने की बात कही है.
दूसरी तरफ, अस्पताल की कार्यशैली भी संदेह के घेरे में है. अस्पताल की ओर से ना ही मृतक डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी के शव को देखने दिया जा रहा है और ना ही मीडियाकर्मी से कोई बात को तैयार है. दबी आवाज में लोग अस्पताल की ओर डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी को प्रताड़ित किए जाने की बात भी करते सुनाई दिए. हालांकि, कैमरे के सामने कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ है.
पुलिस के मुताबिक, अगर मामला खुदकशी का है तो डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी ने खुदकुशी क्यों की, ये राज है. बताया जाता है कि 8 महीने पहले ही डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी की शादी हुई थी. जांच में पता चला है कि सोमवार की शाम डॉक्टर मुखर्जी की किसी से हॉट टॉक हुई थी. वो कुछ पारिवारिक विवाद से भी गुजर रहे थे जिस कारण वो डिप्रेशन में भी थे. खुदकुशी के पीछे यही कारण है या कुछ और... इसके लिए डॉक्टर सोमनाथ मुखर्जी के मोबाइल की सीडीआर की भी जांच की जा रही है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










