
बिहार: दिवाली की खुशियों को मातम में बदला था, अब ट्रिपल मर्डर के दोषी को कोर्ट ने दी फांसी की सजा
ABP News
Begusarai News: 27 अक्टूबर 2019 में हत्या की घटना को विकास सिंह ने अंजाम दिया था. अब करीब सात साल के बाद कोर्ट का फैसला आया है. मामला बेगूसराय जिले का है.
बेगूसराय कोर्ट ने ट्रिपल मर्डर केस के मामले में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को दोषी विकास कुमार उर्फ विकास सिंह को फांसी की सजा सुनाई. वर्ष 2019 में दिवाली की रात सिंघौल थाना क्षेत्र के मचहा गांव में विकास ने तीन-तीन हत्या की थी. दिवाली की खुशियों को मातम में बदल दिया था. अब करीब सात साल बाद कोर्ट का फैसला आया है.
विकास सिंह पटना के बेउर जेल में बंद है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की. बेगूसराय में पहली बार किसी दोषी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फांसी की सजा सुनाई गई है.
दरअसल विकास सिंह ट्रिपल मर्डर से पहले भी चाचा और चाची की हत्या कर चुका था. चार बीघा जमीन के विवाद में उसने वर्ष 2012 में अपने चाचा अरुण सिंह की हत्या कर दी थी. इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी. 2017 में उसने अपनी चाची मुन्नी देवी की हत्या कर दी थी. ये मामला भी न्यायालय में लंबित है.
बताया जाता है कि इन दोनों मामलों में मृतक कुणाल सिंह (विकास के चचेरे भाई) प्रमुख गवाह थे. आरोप है कि विकास सिंह गवाही नहीं देने को लेकर अपने चचेरे भाई पर दबाव बना रहा था. इनकार करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 2019 में ट्रिपल मर्डर की घटना को अंजाम दिया था. 27 अक्टूबर 2019 को रात करीब 10 बजे आरोपी ने अपने भाई कुणाल सिंह, भाभी कंचन देवी और 17 वर्षीय भतीजी सोनम कुमारी की गोली मारकर हत्या कर दी.

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