
बिहार के बाद पूरे देश में बदलेंगे वोटर कार्ड, SIR के जरिए नई तकनीक वाले पहचान पत्र जारी करेगा चुनाव आयोग
AajTak
बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद नए अत्याधुनिक तकनीक से लैस मतदाता पहचान पत्र जल्द जारी होंगे. 1 अगस्त को 7.24 करोड़ मतदाताओं वाला मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया गया, जबकि अंतिम सूची 30 सितंबर को आएगी.
अब देश में जहां भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR होगा वहां मतदाताओं को नए आधुनिक तकनीक से लैस मतदाता पहचान पत्र यानी वोटर आईडी कार्ड मिलेंगे. यानी बिहार में जारी SIR के पूरा होने के बाद राज्य के सभी योग्य मतदाताओं को नए मतदाता पहचान पत्र जारी करने की योजना अब जमीन पर उतरने ही वाली है. हालांकि, ये सूचना आने के बाद चुनाव आयोग ने अभी तक नए कार्ड जारी करने की समय-सीमा नहीं बताई है.
आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जब मतदाताओं को गणना फॉर्म दिए गए, तो उनसे अपनी नवीनतम तस्वीरें भी जमा करने को कहा गया. अधिकारियों ने बताया कि नए मतदाता पहचान पत्रों में ये तस्वीरें होंगी.
राज्य में एक अगस्त को बिहार की मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित हुआ. मसौदा सूची के मुताबिक राज्य में 7.24 करोड़ मतदाता हैं. अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी.
राज्य में विधानसभा चुनाव अक्टूबर अंत या नवंबर मध्य तक कराए जाने की संभावना है. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. नई विधानसभा का गठन उससे पहले होना अनिवार्य है.
आयोग के सूत्रों ने बताया कि गणना फार्म भरने वाले 99 फीसदी लोगों ने अपने दस्तावेज जमा कर दिए हैं. चुनाव आयोग को मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 2 लाख और मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए 33,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं.
यह भी पढ़ें: वोटर्स की मदद करेंगे पैरा-लीगल वॉलंटियर्स, नॉमिनेशन तक मानी जाएगी आपत्ति... SIR पर SC के नए निर्देश

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










