
बाबा सिद्दीकी जैसों की हत्या से पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग सरकार के खूफिया तंत्र को कैसे मार देता है? | Opinion
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पहले हर बड़ी वारदात के पीछे दाऊद इब्राहिम या पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की बात सामने आती थी. यह माना जा सकता है कि दोनों विदेश से ही ऑपरेट करते थे, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं था. लेकिन, ऐसा कैसे हो सकता है कि भारत की जेल में रहकर लॉरेंस विश्नोई और उसका गैंग आतंक का इतना बड़ा पर्याय बन गया. ये तो सीधे सीधे सरकार का फेल्योर है.
लॉरेंस बिश्नोई के नाम से हाल फिलहाल वैसी ही दहशत है, जैसे कभी अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का हुआ करती थी. लेकिन, दोनों में एक बुनियादी फर्क है कि दाऊद देश से बाहर होकर अपराधों को अंजाम देता था. जबकि लॉरेंस बिश्नोई देश में रहकर.
दाऊद इब्राहिम के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ माना जाता रहा है. वो तो अब भी आईएसआई के संरक्षण में ही है, लेकिन पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा है.
लॉरेंस बिश्नोई का साथी गोल्डी बराड़ जरूर विदेश में है, लेकिन वो तो देश की ही जेल में बंद है - और जब जेल में बंद है तो भला कैसे बड़ी बड़ी हत्याओं को अंजाम दे रहा है?
अप्रैल, 2024 में जब सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग के बाद गैंग के शूटर पकड़े गये थे, तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया था कि मुंबई में किसी की दादागिरी नहीं चलेगी, लेकिन 6 महीने ही बीते हैं और लॉरेंस बिश्नोई के शूटर ने बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर डाली है.
सबसे बड़ा सवाल है कि कैसे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ खुफिया तंत्र सहित पूरे सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर अपने आपराधिक मंसूबों को एक के बाद एक बड़े आराम से अंजाम दे रहे हैं - ये सीधे सीधे सिस्टम और सरकार की नाकामी नहीं तो क्या है?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आतंक का बढ़ता दायरा

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