
बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे पीएम मोदी... पंजाब के 1900 गांव डूबे, दिल्ली की भी कई बस्तियों में भरा पानी
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दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे मयूर विहार, अक्षरधाम समेत कई इलाके डूब गए हैं. सचिवालय तक पानी पहुंच गया है और राहत के लिए नावें चलाई जा रही हैं. वहीं, पंजाब में 1900 से अधिक गांव डूब गए हैं, 3.84 लाख लोग प्रभावित हैं. डेढ़ लाख हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई है. सेना और NDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं.
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात बने हुए हैं. दिल्ली-पंजाब समेत कई राज्यों में बाढ़ ने तबाही मचाई है. जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे. इस दौरान वह हालात का जायजा लेंगे. बात दिल्ली की करें तो यहां यमुना का पानी ऐसे इलाकों में पहुंचने लगा है जहां आशंका भी नहीं थी जैसे मयूर विहार और अक्षरधाम तक यमुना आ गई है, ये इलाके यमुना के बहाव से कम से कम 3 से 4 किलोमीटर दूर हैं. जो इलाके यमुना नदी के बिल्कुल पास हैं, वहां तो और बुरा हाल है. सोचिए ऐसे इलाकों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए नाव चलानी पड़ रही है. दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही है और अपना रौद्र रूप दिखा रही है. यमुना के नज़दीक वाले जितने भी इलाके हैं, वहां बाढ़ आई हुई है. दिल्ली में सरकार बदल गई, लेकिन समस्याएं बदलने का नाम नहीं ले रही हैं.
आजतक ने जब ड्रोन कैमरे से दिल्ली का मुआयना किया और जो तस्वीर नज़र आई, वो हैरान करने वाली थी. दरअसल, यमुना ने दिल्ली को अपने आगोश में ले रखा है. यमुना में खतरे का निशान 205 मीटर है, लेकिन इस वक्त यमुना 207 के ऊपर बह रही है, यानी खतरे के निशान से पूरे 2 मीटर ऊपर. पानी लोहे के पुल को छू रहा है. दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज के ऊपर ड्रोन से ली गई तस्वीरों में ऐसा नजारा दिखा कि जैसे यमुना ने दिल्ली को अपने अंदर समा लिया है.
दिल्ली सचिवालय, जहां से पूरी दिल्ली सरकार चलती है, उस सचिवालय तक पानी आ गया है, तो बाकी दिल्ली तो भगवान भरोसे ही है. ट्रैक्टरों से पंप लगाकर पानी खींचा जा रहा है. पूरा निगमबोध घाट डूबा है. जहांगीरपुरी में सीवर बैक मार रहे हैं. ड्रेनेज सिस्टम फेल हो रहा है, लोग घर छोड़कर मंदिरों में रहने चले गए हैं. मयूर विहार और अक्षरधाम तक पहुंचा यमुना का पानी
दिल्ली के मयूर विहार और अक्षरधाम फ्लडप्लेन तक यमुना का पानी पहुंच गया है. इसी इलाके में सब्जियां उगती हैं. खेती वाली जमीन भी डूब गई है. अक्षरधाम के पास की झुग्गियां डूब गई हैं. यमुना करीब 2 किमी अंदर तक आ गई है. मयूर विहार में तो सरकार ने राहत कैंप बनाए हैं, जिनमें यमुना के किनारे रहने वाले लोगों को शिफ्ट भी किया गया है, लेकिन अब समस्या ये है कि इन राहत कैंपों तक ही पानी आ गया है. मतलब ये सोचा ही नहीं गया था कि जहां टेंट लगा रहे हैं, वहीं पानी आ गया तो क्या करेंगे.
मॉनेस्ट्री मार्केट में दुकानें डूबीं
अब जब यमुना से इतनी दूर के इलाकों में ये हाल है, तो यमुना के बिल्कुल पास के इलाकों में क्या हालात होंगे इसका अनुमान लगाया जा सकता है. वहीं, रिहाइशी इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए बोट लगा दी गई हैं. दिल्ली के मॉनेस्ट्री मार्केट में तमाम दुकानें डूब गई हैं. बोट के जरिए लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है. लोग ऊपर हैं. उनको उम्मीद थी कि पानी इतना ऊपर नहीं आएगा, इसलिए लोग छतों पर चले गए, लेकिन यहां भी पानी आ गया. जो लोग फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर पर थे, उनको सरकार की तरफ से खाना दिया जा रहा है.

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