
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत क्या पाकिस्तान के लिए अच्छी ख़बर है?
BBC
जब शेख़ हसीना की सरकार थी तो बांग्लादेश के भारत से अच्छे संबंध थे. अब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत को विशेषज्ञ पाकिस्तान के लिए फ़ायदेमंद क्यों बता रहे हैं?
बांग्लादेश के आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पार्टी के अध्यक्ष तारिक़ रहमान को बधाई दी है.
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने भी कहा कि उनका देश बराबरी और सम्मान की बुनियाद पर बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत पाकिस्तान के लिए अच्छी ख़बर मानी जा रही है. क्योंकि हाल के दिनों में पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश की है.
माना जा रहा है कि बीएनपी सरकार का पाकिस्तान के साथ दोस्ताना रवैया रहेगा. क्योंकि तारिक़ रहमान की मां और पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया का रुख़ पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक रहा था.
बांग्लादेश में शेख़ हसीना की अवामी लीग की सरकार भारत समर्थक मानी जाती रही है. लेकिन एक युवा आंदोलन के बाद अगस्त 2024 में उनकी सरकार के पतन के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्ते बिगड़ते दिखे.
शेख़ हसीना के भारत आकर शरण लेने के बाद बांग्लादेश में उनके विरोधियों का रुख़ भारत के प्रति कड़ा होता दिखा.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस भारत से शेख़ हसीना को बांग्लादेश भेजने की मांग करते रहे हैं. इसे लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में काफी तनातनी दिखी.

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