
बांग्लादेशी मीडिया को सर्वे का सहारा! हिंदुओं पर हो रहे हमले लेकिन 64 फीसदी ने माना- अल्पसंख्यक अधिक सुरक्षित
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यह सर्वे अक्टूबर के आखिर में किया गया था जिसके अनुसार, 64.1% लोगों का मानना है कि कार्यवाहक सरकार पिछली शेख हसीना शासन की तुलना में अल्पसंख्यकों को अधिक सुरक्षा प्रदान कर रही है. द डेली स्टार, ढाका ट्रिब्यून, बांग्ला न्यूज 24 और द बिजनेस स्टैंडर्ड सहित ज्यादातर बांग्लादेशी मीडिया हाउस ने इसी लाइन पर फोकस किया.
बांग्लादेश में शुक्रवार की नमाज के बाद हिंदुओं और मंदिरों पर हमलों के बीच, ढाका के मीडिया आउटलेट्स ने देश में अल्पसंख्यकों पर 'वॉयस ऑफ अमेरिका' के एक सर्वे को शेयर करते हुए खुशी जाहिर की. यह सर्वे दावा करता है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समूह मुहम्मद यूनुस की 'अंतरिम सरकार के तहत अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं'.
हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और है जो इस सर्वे के सैंपल से बयां हो रही है. अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक हिंदू पुजारी की गिरफ्तारी और इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश के बीच बांग्लादेशी मीडिया की ओर से वॉयस ऑफ अमेरिका के एक सर्वे को जोर-शोर से प्रचारित किया जा रहा है.
क्या दावा करता है सर्वे?
यह सर्वे अक्टूबर के आखिर में किया गया था जिसके अनुसार, 64.1% लोगों का मानना है कि कार्यवाहक सरकार पिछली शेख हसीना शासन की तुलना में अल्पसंख्यकों को अधिक सुरक्षा प्रदान कर रही है. द डेली स्टार, ढाका ट्रिब्यून, बांग्ला न्यूज 24 और द बिजनेस स्टैंडर्ड सहित ज्यादातर बांग्लादेशी मीडिया हाउस ने इसी लाइन पर फोकस किया.
सर्वे में शामिल लोगों में से 15.3% ने माना कि स्थिति पहले से खराब हो गई है, जबकि 17.9% ने महसूस किया कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है. सर्वे में 1,000 लोग शामिल थे, जिनमें से 92.7% ने खुद को मुस्लिम बताया. इसका मतलब है कि यह सर्वे बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मुस्लिम रेस्पोंडेंट की धारणा को दिखाता है.
अल्पसंख्यक सुरक्षा को लेकर अलग-अलग धारणाएं

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