
बम, भूख और बेबसी... गाजा में हर रोज बरस रही मौत, 22 महीने में मारे गए 61,827 लोग
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गाजा पट्टी लगातार इजरायली हमलों की आग में झुलस रही है. हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि मौत अब हर रोज की हकीकत बन गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 51 फिलिस्तीनी मारे गए, जबकि 369 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
गाजा पट्टी लगातार इजरायली हमलों की आग में झुलस रही है. हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि मौत अब हर रोज की हकीकत बन गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 51 फिलिस्तीनी मारे गए, जबकि 369 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इनमें कई लोग ऐसे भी थे, जो केवल मानवीय मदद लेने के लिए पहुंचे थे.
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से जारी इस संघर्ष में अब तक 61 हजार 827 फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं. इतना ही नहीं 1 लाख 55 हजार 275 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. लगातार हो रही बमबारी और गोलाबारी ने गाजा को मलबे में बदल दिया है. ऊंची इमारतें अब सिर्फ खंडहर के ढेर में बदल चुकी हैं.
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने खुलासा किया कि मई से अब तक 1760 लोग मानवीय सहायता पाने की कोशिश में ही मारे गए. यह संख्या अगस्त की शुरुआत में जारी किए गए आंकड़ों से कहीं अधिक है. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 मई के बाद से अकेले 1898 लोगों की मौत मदद मांगते हुए हुई है. हजारों लोग घायल हुए हैं.
स्कूल पर हमला, मातम में बदली जिंदगी
गाजा सिटी से आईं तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. शुक्रवार शाम इजरायली हमले का निशाना एक ऐसा स्कूल बना, जहां विस्थापित परिवार शरण ले रहे थे. इस हमले में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मारे गए. स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई. हर तरह फैले मातम के मंजर ने लोगों का दिल अंदर तक झकझोर दिया.

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