
बच्चों पर फोन के नुकसान से दुनिया परेशान, आधे से ज्यादा देशों के स्कूलों में लगा बैन
ABP News
Phone Ban In Schools: यूनिसेफ की एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के आधे से अधिक देशों के स्कूलों में फोन बैन कर दिए गए हैं या उनके यूज को कम करने की पॉलिसी आ चुकी है.
Phone Ban In Schools: फोन के बढ़ते यूज के कारण बच्चे ध्यान नहीं लगा पा रहे हैं. इसकी वजह से न सिर्फ उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि उनकी मेंटल हेल्थ पर भी खराब असर पड़ रहा है. इसका एक नतीजा यह हो रहा है कि स्कूलों में फोन पर बैन लगाया जा रहा है. यूनिसेफ की एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया के करीब 58 प्रतिशत देशों के स्कूलों में फोन पर पाबंदी लग चुकी है और इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. 2023 में 24 प्रतिशत देशों के स्कूल में फोन बैन थे. 2025 की शुरुआत में यह आंकड़ा बढ़कर 40 प्रतिशत और इस साल 58 प्रतिशत हो गया है.
स्कूलों में क्यों बैन हो रहे हैं फोन?
स्कूलों में फोन बैन होने के पीछे के सबसे बड़ा कारण क्लास में बच्चों का ध्यान भंग होना है. इसके अलावा साइबर बुलिंग और फोन के दूसरे नुकसानों के चलते भी स्कूलों में इस डिवाइस पर पाबंदी लगाई जा रही है. स्कूलों में फोन बैन करने के मामले में सेंट्रल और सदर्न एशियाई देश सबसे आगे ओशिनिया के देश (ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और फिजी आदि) सबसे पीछे हैं. हालांकि, कोलंबिया, एस्टोनिया, पेरू, सर्बिया और पोलैंड समेत कई ऐसे भी देश हैं, जिन्होंने फोन को पूरी तरह बैन करने की बजाय स्कूल में इनके लिए कड़ी पॉलिसी लागू कर दी है.
फोन होने से क्या फर्क पड़ता है?













