
Baisakhi 2026: बैसाखी इस साल 13 या 14 अप्रैल कब ? क्यों मनाते हैं ये त्योहार, जानें महत्व
ABP News
Baisakhi 2026: बैसाखी 14 अप्रैल को है.बैसाखी फसल, नई शुरुआत और सिख समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है. इस दिन खालसा पंथ की स्थापना क्यों की गई, क्या है इस पर्व का महत्व .
Baisakhi 2026: बैसाखी (बैसाखी) सिख धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पर्व है. बैसाखी 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है लेकिन इस साल बैसाखी 14 अप्रैल को मनाई जाएगी. ये केवल फसल कटाई का त्योहार ही नहीं, बल्कि सिख इतिहास में एक महान आध्यात्मिक और सामाजिक क्रांति का प्रतीक भी है. यह दिन विशेष रूप से गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना की याद में मनाया जाता है, इसलिए इसकी हर परंपरा का गहरा आध्यात्मिक अर्थ होता है.
बैसाखी का इतिहास
वर्ष 1699 में इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी. उस समय समाज में अन्याय, भेदभाव और अत्याचार चरम पर थे, इसलिए गुरु जी ने एक ऐसे समुदाय का निर्माण किया जो निडर, धर्मनिष्ठ और समानता के सिद्धांतों पर आधारित हो. उन्होंने पंच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा की शुरुआत की और सभी सिखों को “सिंह” और “कौर” की उपाधि देकर जाति-पांति के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया.
बैसाखी के दिन क्या परंपरा निभाते हैं









