
फैंसी हेयरकट रखने पर प्री-बोर्ड एग्जाम में नो-एंट्री, 52 छात्रों की परीक्षाएं टलीं
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रांची के एक स्कूल में छात्रों ने फैंसी हेयरकट रखा हुआ था जिसके कारण स्कूल बोर्ड द्वारा छात्रों को प्री-बोर्ड एग्जाम देने से रोक दिया गया है. निदेशक का कहना है कि स्कूल के नियमोें का पालन करना जरूरी है.
स्कूल के सही संचालन के लिए मैनेजमेंट द्वारा कई अनुशासन बनाए जाते हैं, इनका पालन ना करने पर छात्र के खिलाफ एक्शन लिया जाता है. ऐसा ही कुछ रांची के एक स्कूल में देखने को मिला है जहां छात्रों द्वारा नियम फॉलो ना करने पर उन्हें सजा दी गई है. दरअसल, स्कूल के नियमों के अनुसार, छात्रों को बाल बढ़ाने या फैशनेबल हेयरकट कराने के अनुमति नहीं है, इसके बावजूद 52 छात्रों ने फैंसी हेयर स्टाइल रखा हुआ था. कई बार मना करने पर भी छात्रों ने अपने बाल नहीं कटवाए, जिस वजह से स्कूल द्वारा इन छात्रों को प्री-बोर्ड देने से रोक दिया गया है.
छात्रों को नहीं देने दिया गया ज्योग्राफी का पेपर
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रों ने हेयरकट सही तरीके से नहीं कराए थे, छात्रों ने फैंसी हेयर स्टाइल रखा है, जो स्कूल के अनुशासन के खिलाफ है. स्कूल के डायरेक्टर ने आजतक को बताया कि उनका शैक्षणिक संस्थान अनुशासन के लिए जाना जाता है. यूनिफॉर्म समेत तमाम पहनावा और कोड को लेकर पहले से एसओपी जारी किया हुआ है. उसका उल्लंघन कहीं से सही नहीं है. शनिवार को 10वीं के छात्रों का जियोग्राफी विषय का पेपर था. परीक्षा देने आए कुछ छात्रों को सही हेयरकट नहीं होने के कारण पहले उन्हें अलग रखा गया, फिर परीक्षा नहीं देने दिया गया.
अभिभावकों ने कही ये बात
सूचना मिलने पर कुछ अभिभावकों ने कहा कि बच्चे हमेशा अनुशासन में रहते हैं. इन दिनों छुट्टी थी तो हेटरकट नहीं कराया. ऐसे में स्कूल को चाहिए था कि छात्रों को चेतावनी देकर परीक्षा में शामिल कर लें. बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल के ऐसे व्यवहार से बच्चों का मनोबल कमजोर होगा. पेरेंट्स का कहना है कि स्कूल को कार्रवाई से पहले चेतावनी जरूर देनी चाहिए थी. वहीं, स्कूल का कहना है कि अनुसाशन को हल्के में लेने का साहस किसी स्कूल के परसेप्शन को हानि पहुंचा सकता है. फैंसी हेयरकट में आने के लिए उन्हें रोका गया था. निदेशक का साफ कहना है कि उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य की सबसे ज्यादा चिंता है, इसलिए उनका ज्योग्राफी का पेपर 10 जनवरी , 2024 को लिया जायेगा.

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