
'फुल स्पीड में थी कोरोमंडल एक्सप्रेस, रोकना संभव नहीं था...', ओडिशा ट्रेन हादसे पर रेलवे का बयान
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ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे के बाद अब भारतीय रेलवे का बयान भी सामने आया है. रेलवे की तरफ से कहा गया है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस फुल स्पीड में थी और उसे रोकना संभव नहीं था. बता दें कि इस हादसे में अब तक 280 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे हुए भयानक रेल हादसे में अब तक 280 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों यात्री घायल हैं. अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा और इसी बीच भारतीय रेलवे का बयान भी सामने आ गया है.
रेलवे की तरफ से कहा गया है कि ट्रेन नंबर 12481 कोरोमंडल एक्सप्रेस बहानगा बाजार स्टेशन के (शालीमार-मद्रास) मेन लाइन से गुजर रही थी, उसी वक्त अप लूप लाइन पर वो मालगाड़ी से टकरा गई. ट्रेन पूरी रफ्तार (फुल स्पीड) में थी और उसे स्टेशन पर रोकना संभव नहीं था. इसका परिणाम ये हुआ कि 21 कोच डीरेल हो गए और 3 कोच डाउन लाइन पर चले गए.
हर स्टेशन पर दूसरी ट्रेन पास कराने के लिए लूप लाइन होती है. बहानगा बाजार स्टेशन पर अप और डाउन, दो लूप लाइन हैं. किसी भी ट्रेन को लूप लाइन पर तब खड़ा किया जाता है, जब किसी ट्रेन को स्टेशन से पास कराया जाना हो.
इसी समय डाउन लाइन की ट्रेन 12864 यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा बाजार स्टेशन से गुजर रही थी और उसकी कोरोमंडल से टक्कर हो गई. इसके बाद हावड़ा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए. रेलवे की तरह से बताया गया है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस में 1257 लोगों ने रिजर्वेशन कराया था जबकि हावड़ा यशवंत पुर एक्सप्रेस में 1039 लोगों ने रिजर्वेशन कराया था.
बहानगा बाजार स्टेशन पर भी कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर हावड़ा एक्सप्रेस को पास कराने के लिए मालगाड़ी को कॉमन लूप लाइन पर खड़ा कराया गया था. कोरोमंडल एक्सप्रेस तेज रफ्तार से मेन अप लाइन से गुजर रही थी. उस समय डाउन लाइन से यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस भी गुजर रही थी.
बहानगा बाजार स्टेशन पर स्टॉपेज नहीं

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