
फरीदाबाद में किराए का कमरा, महीनों तक ब्रेनवॉश... ऐन मौके पर सुसाइड बॉम्बर बनने से इनकार कर गया जसीर वानी
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दिल्ली ब्लास्ट का दायरा और असर और भी भयानक हुआ होता अगर एक दूसरे शख्स ने सुसाइड बॉम्बर बनने से इनकार न कर दिया होता. जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि मास्टरमाइंड डॉ उमर के एक शागिर्द ने ऐन मौके पर फिदायीन बनने से इनकार कर दिया और कहा कि इस्लाम में ऐसा करना गुनाह है.
दिल्ली ब्लास्ट में एक नहीं बल्कि दो सुसाइड बॉम्बर होने वाले थे. लेकिन ऐन मौके पर जसीर बिलाल नाम के कश्मीरी युवक ने फिदायीन दस्ते में शामिल होने से इनकार कर दिया. जसीर बिलाल ने कहा कि इस्लाम में सुसाइड बॉम्बर बनना पाप है. दिल्ली ब्लास्ट की जांच कर रहे एजेंसियों ने जसीर बिलाल नाम के युवक को हिरासत में लिया है.
काजीगुंड निवासी जसीर (उर्फ 'दानिश' उर्फ जसीर बिलाल) को श्रीनगर पुलिस ने हाल ही में दिल्ली के लाल किले में हुए कार बम विस्फोट और "व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल" के सिलसिले में हिरासत में लिया था. जांच से पता चला कि मॉड्यूल के मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी ने जसीर का ब्रेनवॉश किया था और उसे आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार किया था. डॉ उमर नबी ने ही दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के बगल में कार से धमाका किया गया था. इस हमले में 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार डॉक्टरों ने पूछताछ में खुलासा किया कि राजनीति विज्ञान के छात्र जसीर बिलाल को डॉ उमर द्वारा 2023 से ही आत्मघाती बम विस्फोट के लिए कट्टरपंथी बनाया जा रहा था, लेकिन जब 2025 में उसे हमला करने के लिए कहा गया तो उसने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इस्लाम में आत्महत्या गुनाह है.
सुसाइड बॉम्बिंग को जायज ठहराता दिखा आतंकी उमर
इस बीच आज आतंकी डॉ उमर का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में उमर अंग्रेजी में बयान देता नजर आ रहा है, उमर अपने बयान में सुसाइड बॉम्बिंग को सही ठहराता हुआ नजर आ रहा है. वो कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ठीक से समझा नहीं गया है.
श्रीनगर से फरीदाबाद लाया गया जसीर

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