
प्रयागराज: 3 JCB, 2 मंजिला इमारत...और 5 घंटे में जमींदोज हुआ मास्टरमाइंड जावेद का घर
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प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड बताए जा रहे जावेद मोहम्मद के घर रविवार को बुलडोजर चला. 3 जेसीबी ने 2 मंजिला इमारत को गिराया.
प्रयागराज में 10 जून को हुई हिंसा मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के घर रविवार को बुलडोजर चला. अटाला इलाके में हिंसा के मुख्य आरोपी के घर को गिराने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. 3 जेसीबी ने 2 मंजिला इमारत को गिराया. 5 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद ध्वस्तीकरण का काम पूरा हो गया है. प्रयागराज में आज कई घंटों की मशक्कत के बाद जावेद के घर को जमींदोज किया गया. प्रशासन को इस कार्रवाई में किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किए गए थे. सबसे पहले जावेद के घर का मेन गेट बुलडोजर के निशाने पर था. इस दौरान ये भी ध्यान में रखा गया कि आसपास के घरों को कोई नुकसान ना पहुंचे. इस कार्रवाई को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने पूरा किया है. ध्वस्तीकरण का मामला पहले से ही संज्ञान में था और कागजी कार्रवाई भी चल रही थी. जावेद पंप को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
ऐसे शुरू हुई घर गिराने की प्रक्रिया इस कार्रवाई पर PDA का कहना था कि उसकी ओर से 10 मई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. जावेद पंप को 24 मई को सुनवाई के लिए पेश होना था, लेकिन ना ही वो पेश हुआ और ना ही उसने कोई जवाब दिया. PDA का कहना था कि जावेद पंप ने बिना अनुमति के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर 250X60 फीट का निर्माण कराया है. जब जावेद की ओर से कोई जवाब नहीं आया तो अथॉरिटी ने 25 मई को ध्वस्तीकरण को लेकर आदेश दिया, जिसे घर के बाहर चस्पा किया गया था. इसे लेकर सूचना दी गई थी कि 9 जून तक अतिक्रमण वाला हिस्सा ध्वस्त करके अथॉरिटी को सूचना दें. लेकिन जावेद पंप की ओर से न ही अतिक्रमण वाले हिस्से को ढहाया गया और न ही कोई सूचना दी गई.
इसके बाद पीडीए की ओर से 10 जून को एक लेटर जारी किया गया जिसमें 12 जून को सुबह 11 बजे तक घर को खाली करने का आदेश दिया गया था. फिर रविवार दोपहर 12.45 बजे पुलिस और प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ. प्रयागराज हिंसा में पुलिस ने पांच हजार अज्ञात और 95 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है.
जावेद का मोबाइल फोरेंसिक एग्जामिनेशन के लिए भेजा गया प्रयागराज राज पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक दंगों के मास्टरमाइंड जावेद उर्फ पंप का मोबाइल फोन फोरेंसिक एग्जामिनेशन के लिए भेजा जा रहा है. उसने कई चैट्स डिलीट कर दिए हैं. कई कॉल्स डिलीट हैं, सबकी डिटेल्स निकाली जाएगी. जावेद के फेसबुक पोस्ट खंगाले गए हैं जिस से पता चलता है कि अदलत पर उसका भरोसा नहीं है. कुछ वाट्स एपचैट्स मिले हैं जिसमें भीड़ को बुलाने की बातचीत का जिक्र है. जावेद प्रयागराज में होने वाली धर्मगुरों की पीस कमेटी की मीटिंग में भी आता था.
क्यों पड़ा जावेद पंप नाम बताया जा रहा है कि जावेद पंप कभी टुल्लू पंप का काम किया करता था. टुल्लू पंप का काम करने वाले जावेद के नाम के आगे पंप जुड़ गया. लोग उसे जावेद पंप कहकर बुलाने लगे और ये उसकी पहचान बन गई. जावेद पंप का सियासी कनेक्शन भी सामने आया है. जावेद पंप वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का प्रदेश महासचिव भी है.
JNU में पढ़ने वाली बेटी आफरीन पर भी पुलिस की नजर एसएसपी ने कहा कि मोहम्मद जावेद की एक बेटी जेएनयू में पढ़ती है. बेटी आफरीन जावेद को राय देने का काम करती है. अगर वह भी इस मामले में दोषी पाई गई तो दिल्ली पुलिस से संपर्क कर, वहां टीम भेजी जाएगी और उसे हिरासत में लिया जाएगा.

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